भारत की आजादी के आंदोलन को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने वाले महान क्रांतिकारी पं. राम प्रसाद बिस्मिल, शहीद बंधु सिंह गोरखपुर की धरती से किसी न किसी रूप में जुड़े रहे हैं। चौरी-चौरा की वह घटना, जिसने विदेशी हुकूमत की चूलें हिलाने का काम किया था, उसका संबंध भी इसी जनपद से है।
गोरखपुर। गोरखपुर में आयोजित पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता कार्यक्रम का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रतियोगिता में सहभागिता कर रही देश के 14 राज्यों के 31 विश्वविद्यालयों की महिला बास्केटबॉल टीमों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही कहा, गोरखपुर, भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का जनपद है। भारत के वैदिक साहित्य को वैश्विक मानचित्र पर प्रस्तुत करने का जो अभिनव कार्य पिछले 100 वर्षों से हो रहा है, वह गीता प्रेस भी गोरखपुर में स्थित है।
उन्होंने आगे कहा, भारत की आजादी के आंदोलन को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने वाले महान क्रांतिकारी पं. राम प्रसाद बिस्मिल, शहीद बंधु सिंह गोरखपुर की धरती से किसी न किसी रूप में जुड़े रहे हैं। चौरी-चौरा की वह घटना, जिसने विदेशी हुकूमत की चूलें हिलाने का काम किया था, उसका संबंध भी इसी जनपद से है।
मुख्यमंत्री ने कहा, जब हम खेल की बात करते हैं, तो आपने पिछले 11 वर्षों में देश के भीतर एक नई खेल संस्कृति को जन्म लेते हुए देखा है। 2014 के बाद जिस प्रकार की नई खेल संस्कृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विकसित की है, आज वह देखते हुए बनती है। जब भारतीय ऋषि-परंपरा इस बात का उद्घोष करती है कि “शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्”, तो वह यह बात यूं ही नहीं कहती। उसके पीछे का भाव यही रहता है कि जीवन के जितने भी साधन हैं, वे सभी स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त किए जा सकते हैं।
साथ ही कहा, ग्राम पंचायत हो या नगर निकाय, वहां ओपन जिम का निर्माण हो। ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम का निर्माण हो। जिला स्तर पर स्टेडियम का निर्माण हो। ये सभी कार्यक्रम युद्ध स्तर पर आगे बढ़ें। अब तक हमारी सरकार ने उन 500 से अधिक खिलाड़ियों को, जिन्होंने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियाड और वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक प्राप्त किए हैं, प्रदेश के विभिन्न विभागों में सीधे नौकरी प्रदान की है।
खेलकूद की गतिविधियों को हम अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में 96 हजार से अधिक स्पोर्ट्स किट युवक मंगल दल और महिला मंगल दल को वितरित किए गए हैं। जिनके माध्यम से गांव-गांव में एक नई खेल संस्कृति को विकसित किया जा सके। 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में होंगे। मैं अभी से कहूंगा हमारी टीमों को, विश्वविद्यालयों को, महाविद्यालयों को और हर राज्य को इसके लिए स्वयं को तैयार करना होगा। जो आज खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा, वही 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई करेगा और उसमें पदक भी जीतेगा।