1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. शोक में डूबी अयोध्या, राजा विमलेंद्र मोहन मिश्रा का निधन, सीएम योगी ने जताया शोक दी श्रद्धांजलि

शोक में डूबी अयोध्या, राजा विमलेंद्र मोहन मिश्रा का निधन, सीएम योगी ने जताया शोक दी श्रद्धांजलि

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Tirtha Kshetra Trust) के दूसरे ट्रस्टी और अयोध्या के राजा विमलेंद्र मोहन मिश्रा (King of Ayodhya Vimlendra Mohan Mishra) का शनिवार देर रात निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शनिवार रात करीब 12 बजे 71 साल की उम्र में उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली।

By santosh singh 
Updated Date

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Tirtha Kshetra Trust) के दूसरे ट्रस्टी और अयोध्या के राजा विमलेंद्र मोहन मिश्रा (King of Ayodhya Vimlendra Mohan Mishra) का शनिवार देर रात निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शनिवार रात करीब 12 बजे 71 साल की उम्र में उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन पर सीएम योगी ने शोक जताया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

पढ़ें :- सपा सांसद राजीव राय के प्रयासों से जन हित में ‘मऊ-आनंद विहार ट्रेन’ चली लेकिन उद्घाटन के समय जानबूझकर माहौल बनाया गया तनावपूर्ण: अखिलेश यादव

सीएम ने एक्स पर लिखा कि ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Tirtha Kshetra Trust)  के माननीय सदस्य, राजसदन अयोध्या के मुखिया श्री विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र जी का निधन अत्यंत दुःखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!’

बता दें कि 5 फरवरी 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के तरफ से संसद सदन में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन में विमलेंद्र मोहन मिश्र को स्थाई सदस्य के रूप में नामित किया गया था। उनके निधन पर ट्रस्ट के अन्य सदस्यों ने भी शोक व्यक्त किया है।

एक युग का अंत

राजा विमलेन्द्र प्रताप मोहन मिश्र का निधन न केवल अयोध्या राजवंश के लिए, बल्कि समस्त अयोध्यावासियों के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन भगवान राम की सेवा, समाजसेवा और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रतीक था। उनके जाने से अयोध्या की शाही और आध्यात्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया।

पढ़ें :- ईरान ने फिर बंद किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहाजों को दी चेतावनी

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...