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Tulsi plant rules: रविवार के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से होता है बड़ा अनिष्ट, जानें धार्मिक कारण

सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत पवित्र माना जाता है। पूजा पाठ में देवी देवताओं को अर्पित किया जाता है। भोग प्रसाद में तुलसी के पत्तें को मिलाया जाता है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Tulsi plant rules :  सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत पवित्र माना जाता है। पूजा पाठ में देवी देवताओं को अर्पित किया जाता है। भोग प्रसाद में तुलसी के पत्तें को मिलाया जाता है। तुलसी के पत्ते को लेकर कठिन नियम है। भगवान विष्णु को प्रिय तुलसी को लेकर बने नियमों के  पीछे धार्मिक कारण है। हर नियम का अपना एक धार्मिक महत्व है, तो वहीं दूसरी ओर इन नियमों का कोई ना कोई वैज्ञानिक कारण भी जरूर होता हैं।

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भगवान विष्णु क्रोधित हो जाते है
पुराणों में तो तुलसी के अलग अलग नामों और उनके अलग अलग महत्वताओं के बारे में भी विस्तार से लिखा गया है। इन्हीं पुराणों में तुलसी का पौधा ना छुने को लेकर भी कई कारण दिए गए है। भगवान श्रीहरि को तुलसी बेहद प्रिय थी इसलिए तुलसी के पूजन से श्रीहरि बेहद प्रसन्न होते है। पुराणों के मुताबिक भगवान श्रीहरि के पूजन के लिए सबसे शुभ दिन वीरवार माना जाता है, लेकिन इसी के साथ रविवार का दिन भी भगवान विष्णु का सबसे प्रिय दिन माना जाता है… और यहीं कारण है कि भगवान विषणु प्रिय तुलसी को भी उस दिन ना तोड़ने की परंपरा है। कहते है जो भी उस दिन तुलसी तोड़ता है उस पर भगवान विष्णु क्रोधित हो जाते है।

भगवान विष्णु पर तुलसी चढ़ाकर पूजा की जाती है
ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप से तुलसी का विवाह हुआ था और रविवार के दिन भगवान विष्णु पर तुलसी चढ़ाकर पूजा की जाती है और उनके प्रिय दिन तुलसी पर जल चढ़ाना, पूजा करना और उसे तोड़ना सब मना होता है।

इसके अलावा यह भी मान्यता हैं रविवार के दिन मां तुलसी का व्रत होता है। वह पूरे दिन पूर्ण रूप से व्रत रखती है और इसलिए इस दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से उनके व्रत में बाधा पड़ती है।

तुलसी को लेकर कुछ जरूरी नियम
इसके साथ ही ये भी मान्यता है कि तुलसी के पत्तों को कभी भी बिना नहाये नहीं तोड़ना चाहिए। तुलसी के प्रत्येक पत्ते को 11 दिनों तक पूजन के लिए बार बार प्रयोग किया जा सकता है। पुराणों के मुताबिक तुलसी के पत्ते 11 दिनों तक शुद्ध माने जाते है। इस लिए यह जरूरी नहीं की आप रोज के पूजन के लिए रेज तुलसी के पत्ते तोड़े, बल्कि 1 पत्ते को 11 दिनों तक धो-धो कर पूजन के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है।

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