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Video: अमेरिका में इजरायली दूतावास के दो कर्मियों की गोली मारकर हत्या, ‘फ्री फ़िलिस्तीन’ के नारे लगा रहा था हमलावर

Two Israeli embassy staff killed in US: इजरालय-गाजा युद्ध का असर दूसरे देशों में देखने को मिल रहा है, जहां पर इजरालय और गाजा समर्थक एक-दूसरे के खून के प्यासे नजर आ रहा हैं। ताजा मामला, दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका का है, जहां पर इजरायली दूतावास के दो कर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है। हमलावर फ़िलिस्तीन (गाजा) समर्थक बताया जा रहा है।

By Abhimanyu 
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Two Israeli embassy staff killed in US: इजरालय-गाजा युद्ध का असर दूसरे देशों में देखने को मिल रहा है, जहां पर इजरालय और गाजा समर्थक एक-दूसरे के खून के प्यासे नजर आ रहा हैं। ताजा मामला, दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका का है, जहां पर इजरायली दूतावास के दो कर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है। हमलावर फ़िलिस्तीन (गाजा) समर्थक बताया जा रहा है।

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जानकारी के अनुसार, यह गोलीबारी की घटना अमेरिका के वॉशिंगटन में यहूदी संग्रहालय के पास से हुई। जिसमें इजरायली दूतावास के दो कर्मचारी की मौत हो गई। होमलैंड सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने इसके बारे में जानकारी दी। नोएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘जहां गोलीबारी हुई वह जगह एफबीआई के फील्ड ऑफिस से कुछ कदम की दूरी पर स्थित है। मामले की जांच की जा रही है।’ बताया जा रहा है कि पुलिस ने हमलावर को हिरासत में ले लिया है, इस दौरान वह ‘फ्री फलस्तीन’ के नारे लगा रहा था।

गोलीबारी की घटना के बाद अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी और डीसी के कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो मौके पर पहुंचे। अमेरिका में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने गोलीबारी को ‘यहूदी-विरोधी आतंकवाद’ का घृणित कृत्य करार दिया है। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘हमें विश्वास है कि अमेरिकी अधिकारी इस आपराधिक कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। इजरायल अपने नागरिकों और प्रतिनिधियों की रक्षा के लिए दृढ़ता से काम करना जारी रखेगा।’

इस घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में  कहा कि यह “यहूदी विरोधी भावना” पर आधारित था। “ये भयानक डीसी हत्याएं, जो स्पष्ट रूप से यहूदी विरोधी भावना पर आधारित हैं, अब समाप्त होनी चाहिए! नफरत और कट्टरपंथ का अमेरिका में कोई स्थान नहीं है। पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना। बहुत दुख की बात है कि ऐसी चीजें हो सकती हैं! भगवान आप सभी का भला करे!”

सी.एन.एन. ने इजरायली दूतावास के प्रवक्ता के हवाले से कहा कि इजरायली राजदूत इस घटना में शामिल नहीं थे और गोलीबारी के समय वह उस स्थान पर मौजूद नहीं थे। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह डीसी के कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो के साथ कैपिटल यहूदी संग्रहालय के बाहर गोलीबारी के स्थान पर पहुंच गई हैं।

हालांकि, पुलिस ने अभी गोलीबारी के संभावित मकसद के बारे में कोई डिटेल नहीं दी है। संदिग्ध की पहचान शिकागो निवासी 30 वर्षीय एलियास रोड्रिगेज के रूप में हुई है, जब उसे हिरासत में लिया गया तो उसने “फ्री फिलिस्तीन” का नारा लगाया।  वाशिंगटन पुलिस प्रमुख पामेला स्मिथ ने कहा कि जब उसे हिरासत में लिया गया तो संदिग्ध ने “आज़ाद, आज़ाद फ़िलिस्तीन” के नारे लगाने शुरू कर दिए।

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