मंत्री बेबी रानी मौर्य ने डीएम पर काफी नाराज दिखीं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि, ये गलत बात है और ये नहीं चलेगा। आपको फोन उठाना चाहिए। मैं व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए फोन कर रही थी। जानना चाहती थी कि कार्यक्रम क्या है? हम आपसे पूछना चाह रहे थे कि व्यवस्थाएं क्या हैं? आप हमसे बात ही नहीं कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने डीएम से पूछा कि आप प्रोटोकॉल में हमसे बड़े हैं, इसलिए बात नहीं करेंगे।
एटा। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो एक कार्यक्रम में पहुंची हैं। इस दौरान उन्होंने डीएम एटा पर कॉल रिसीव न करने का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि, मंत्री ने डीएम को 17 बार फोन किया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसको लेकर उन्होंने डीएम का बुके लेने से भी इनकार कर दिया। नाराज़गी के बीच असहज माहौल में सलामी हुई। मंत्री बेबी रानी मौर्य ने मंच से ही सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताते हुए कहा कि जब एक मंत्री का फोन नहीं उठेगा तो आम जनता की क्या सुनी जाएगी?
मंत्री बेबी रानी मौर्य ने डीएम पर काफी नाराज दिखीं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि, ये गलत बात है और ये नहीं चलेगा। आपको फोन उठाना चाहिए। मैं व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए फोन कर रही थी। जानना चाहती थी कि कार्यक्रम क्या है? हम आपसे पूछना चाह रहे थे कि व्यवस्थाएं क्या हैं? आप हमसे बात ही नहीं कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने डीएम से पूछा कि आप प्रोटोकॉल में हमसे बड़े हैं, इसलिए बात नहीं करेंगे।
उत्तर प्रदेश-
DM एटा अरविंद सिंह ने नहीं रिसीव किया कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य का कॉल , आरोप है कि 17 बार कॉल की गई लेकिन DM ने फ़ोन नहीं उठाया , बाद में DM का बुके लेने से मंत्री ने इनकार किया जताई नाराज़गी ,असहज माहौल में हुई सलामी , वीडियो वायरल !! pic.twitter.com/n5AdCPuS1t
— Gaurav Singh Sengar (@sengarlive) August 27, 2026
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यूपी सरकार की मंत्री का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद अधिकारियों पर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार निर्देश देते रहते हैं कि, अधिकारी जनप्रतिनिधियों का फोन उठाएं। इसके बाद भी अधिकारी उनके निर्देशों की उपेक्षा कर रहे हैं। ये पहली बार नहीं है, जब किसी अधिकारी ने मंत्री का फोन नहीं उठाया। पहले भी इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं।