लखनऊ में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में यूपी पुलिस के एक सिपाही समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है…
लखनऊ में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में यूपी पुलिस के एक सिपाही समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सीआरपीएफ का एक दरोगा और एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, वृंदावन कॉलोनी निवासी प्रभाकर सिंह की शिकायत पर चिनहट कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि उनके भाई दिवाकर सिंह और उनके मित्र अनूप शुक्ला को एक कंपनी में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच दिया गया। जब दोनों निवेश के लिए पैसे लेकर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें बंधक बना लिया और करीब पांच लाख रुपये छीन लिए। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी संगठित तरीके से काम करते थे। वे लोगों को निवेश के बहाने बुलाते और खुद को पुलिस या अन्य सुरक्षा एजेंसियों का अधिकारी बताकर डराते-धमकाते थे। इसके बाद उनसे रुपये ऐंठ लिए जाते थे।
पुलिस ने जावेद हुसैन, आसिफ, प्रवेश त्रिपाठी और पूरन सिंह को गिरफ्तार किया है। पूरन सिंह यूपी पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में चिनहट कोतवाली में तैनात बताया गया है।
डीसीपी ईस्ट दीक्षा शर्मा के मुताबिक, मामले में सीआरपीएफ दरोगा जय प्रकाश यादव की भूमिका भी सामने आई है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।