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अमेरिकी वायु सेना और इजरायली सैन्य विमान भारत में उतरा, भारत में अचानक सैन्य हलचल तेज!

भारत में अचानक अंतरराष्ट्रीय सैन्य गतिविधियों में इजाफा देखने को मिला है। जब यूएसए एयर फोर्स (US Air Force) का एक विमान कुछ देर पहले जयपुर एयरबेस (Jaipur Airbase) पर उतरा। इससे कुछ ही घंटे पहले इज़रायली सैन्य विमान (Israeli Military Aircraft) भी भारत पहुंचे थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट (Security agencies on high alert) पर हैं।

By santosh singh 
Updated Date

जयपुर/नई दिल्ली। भारत में अचानक अंतरराष्ट्रीय सैन्य गतिविधियों में इजाफा देखने को मिला है। जब यूएसए एयर फोर्स (US Air Force) का एक विमान कुछ देर पहले जयपुर एयरबेस (Jaipur Airbase) पर उतरा। इससे कुछ ही घंटे पहले इज़रायली सैन्य विमान (Israeli Military Aircraft) भी भारत पहुंचे थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट (Security agencies on high alert) पर हैं और राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज़ हो गई हैं।

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सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना (US Air Force) का यह विमान C-17 ग्लोबमास्टर या उससे मिलते-जुलते बड़े सैन्य परिवहन विमान जैसा बताया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। विमान ने राजस्थान के जयपुर एयरबेस (Jaipur Airbase)  पर शाम करीब 6:30 बजे लैंडिंग की, जिसके बाद से सुरक्षा बलों की गतिविधियां बढ़ गई हैं।

इसी तरह इज़रायली सैन्य विमान (Israeli Military Aircraft) के भारत में पहुंचने की खबर भी कुछ घंटे पहले सामने आई थी, जिसने इन गतिविधियों को और रहस्यमयी बना दिया है। इन दोनों देशों का भारत के साथ सामरिक और रक्षा सहयोग पहले से है, लेकिन एक ही दिन में दोनों देशों की सैन्य मौजूदगी कई सवाल खड़े कर रही है।

क्या कहता है रक्षा विश्लेषण?

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गतिविधि संभावित रूप से भारत, अमेरिका और इज़राइल के बीच चल रहे त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास, सुरक्षा सहयोग या खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान का हिस्सा हो सकती है। हालांकि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में बढ़ते आतंकी हमलों और सीमा पर तनाव को देखते हुए कोई विशेष मिशन भी कारण हो सकता है।

सरकार की चुप्पी

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भारत सरकार या रक्षा मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। न ही ये स्पष्ट हुआ है कि इन विमानों में सैन्य अधिकारी, उपकरण या कोई विशेष सामग्री लाई गई है। स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है। अगर यह रणनीतिक साझेदारी या खुफिया मिशन से जुड़ा है, तो आने वाले घंटों में कोई बड़ा खुलासा हो सकता है।

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