बीते 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान शुरू हुआ 'वंदे मातरम्' विवाद अब एक बड़े कानूनी और राजनीतिक युद्ध में बदल चुका है। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद ने राष्ट्रगीत के कथित अपमान को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की सीधी चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस ने इसे ऐतिहासिक परंपरा बताते हुए भाजपा और विश्व हिंदू परिषद पर देशभक्ति का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।
नई दिल्ली। बीते 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान शुरू हुआ ‘वंदे मातरम्’ विवाद अब एक बड़े कानूनी और राजनीतिक युद्ध में बदल चुका है। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद ने राष्ट्रगीत के कथित अपमान को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की सीधी चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस ने इसे ऐतिहासिक परंपरा बताते हुए भाजपा और विश्व हिंदू परिषद पर देशभक्ति का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।
मुख्य बिंदु
विवादों के बीच 19 अगस्त 2026 को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में आधिकारिक प्रस्ताव पास किया गया कि भविष्य में पार्टी के सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल शुरुआती दो छंद ही गाए जाएंगे। विश्व हिंदू परिषद ने चेतावनी दी है कि संसद द्वारा हाल ही में पारित ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’ के तहत राष्ट्रगीत को बीच में रोकना या उसके गायन में रूकावट डालना एक गंभीर संज्ञेय अपराध है, जिसमें तीन साल तक की जेल का प्रावधान भी है। साथ ही विहिप और भाजपा ने 15 अगस्त के एक वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रगीत के पूर्ण गायन पर आपत्ति जताते हुए उसे बीच में रुकवाने का इशारा किया था। इसके अलावा विहिप ने आरोप लगाया है कि “कांग्रेस केवल शुरुआती दो छंद गाकर राष्ट्रगीत के शेष भाग में आने वाले ‘दुर्गा’, ‘लक्ष्मी’, ‘विद्या’ और ‘भक्ति’ जैसे सनातन और भारतीय संस्कृति से जुड़े पवित्र शब्दों का त्याग कर रही है। यह महज राजनीतिक तुष्टिकरण है। विहिप ने देशव्यापी प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेताओं के पुतले फूंके हैं और मांग की है कि राष्ट्रगीत का अपमान करने के लिए इन नेताओं की संसद सदस्यता तुरंत खत्म कर देनी चाहिए। आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।
इस मामले पर सफाई देते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संयुक्त रूप से कहा कि वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंद गाने का फैसला कोई नया नहीं है। साथ ही पार्टी ने स्पष्ट किया कि केवल दो छंद गाने का यह नियम 1937 के कोलकाता कांग्रेस अधिवेशन के प्रस्ताव के तहत तय किया गया था, जिसमें महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पूर्ण सहमति थी।
इसके अलावा वीडियो विवाद पर कांग्रेस ने कहा कि सोनिया गांधी राष्ट्रगीत नहीं रुकवा रही थीं, बल्कि वे मंच पर काफी देर से खड़े बुजुर्ग अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगवाने का इशारा कर रही थीं। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हम उसी वंदे मातरम् परंपरा का पालन कर रहे हैं जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय भी निभाई जाती थी। अगर यह गुनाह है, तो सबसे पहले महात्मा गांधी पर केस दर्ज होना चाहिए।”