1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, जानें क्या है वजह?

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, जानें क्या है वजह?

देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Vice President Jagdeep Dhankhar) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धनखड़ ने इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) को एक लेटर लिखा है। इसमें स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया है।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली : देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Vice President Jagdeep Dhankhar) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धनखड़ ने इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) को एक लेटर लिखा है। इसमें स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया है। धनखड़ ने कहा कि उन्होंने अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए डॉक्टरी सलाह के आधार पर यह फैसला किया है। उन्होंने अपने इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने की बात कहते हुए संविधान के अनुच्छेद 67(ए) का हवाला दिया है।

पढ़ें :- अब राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने चढ़ावा चोरी मामले में दी सफाई, बोले-चोरी की घटना से आहत, दुखी और लज्जित हूं...

जगदीप धनखड़ ने अपने पत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए कहा कि आपके अटूट समर्थन और मेरे कार्यकाल के दौरान हमारे बीच बने सुखद और अद्भुत कार्य संबंधों के लिए अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता/करती हूं। उन्होंने पीएम मोदी के साथ ही मंत्रिपरिषद् को के प्रति भी अपना आभार व्यक्त किया। जगदीप धनखड़ ने लिखा कि मैंने अपने कार्यकाल के दौरान बहुत कुछ सीखा है।

उन्होंने कहा कि सभी माननीय संसद सदस्यों से मुझे जो गर्मजोशी, विश्वास और स्नेह मिला है, वह हमेशा मेरी स्मृति में रहेगा। उन्होंने आगे लिखा कि मैं हमारे महान लोकतंत्र में उपराष्ट्रपति के रूप में प्राप्त अमूल्य अनुभवों और अंतर्दृष्टि के लिए तहे दिल से आभारी हूं। मैं इस महान लोकतंत्र में उपराष्ट्रपति के रूप में जो अनुभव और अंतर्दृष्टियाँ प्राप्त कर सका, उसके लिए मैं अत्यंत आभारी हूँ।

भारत की असाधारण आर्थिक प्रगति और इस ऐतिहासिक कालखंड में हुई अभूतपूर्व विकास यात्रा का साक्षी बनना और उसमें सहभागी होना मेरे लिए गर्व और संतोष का विषय रहा है। अपने राष्ट्र के इतिहास के इस रूपांतरणकारी युग में सेवा करना मेरे लिए सच्चे अर्थों में सम्मान रहा। जैसे ही मैं इस प्रतिष्ठित पद से विदा लेता हूँ, मैं भारत के वैश्विक उत्थान और अद्भुत उपलब्धियों पर गर्व से भर जाता हूँ और उसके उज्ज्वल भविष्य में मेरा विश्वास अडिग है।

पढ़ें :- PoK में बगावत पर उतरी जनता, भारत से मांगी मदद, बोली- LOC को तोड़ दो, हमें आपकी है जरूरत

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...