हरियाणा JJP अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत में वही दोहराया जाए जो हमारे पड़ोसी देश श्रीलंका ,बांग्लादेश और नेपाल के नौजवानों ने किया है। उन्होंने कहा कि संगठित व एकजुट होकर शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर दौड़ाकर पीटने का काम करना पड़ेगा तभी कुशासन से हमें मुक्ति मिलेगी।
चंडीगढ़: हरियाणा के जननायक जनता पार्टी (JJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत में वही दोहराया जाए जो हमारे पड़ोसी देश श्रीलंका ,बांग्लादेश और नेपाल के नौजवानों ने किया है। उन्होंने कहा कि संगठित व एकजुट होकर शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर दौड़ाकर पीटने का काम करना पड़ेगा तभी कुशासन से हमें मुक्ति मिलेगी। अजय सिंह चौटाला के इस विवादित बयान के बाद के देश की राजनीति में सियासी तूफान आना तय है।
सुने, अभय चौटाला कैसे लोगों को हिंसा के लिए भड़का रहा है
"अब समय आ गया है कि भारत में वही दोहराया जाए जो बांग्लादेश और नेपाल में हुआ।"😡 pic.twitter.com/dheekp8qB4— Jitesh Kumar (@Jitesh_Bihari) January 2, 2026
अजय चौटाला ने महेंद्रगढ़ जिले में आयोजित युवा योद्धा सम्मेलन में विवादास्पद बात की है। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर दौड़ाकर पीटने का काम करना पड़ेगा। उन्होंने यह तक कह दिया कि भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसे आंदोलन की जरूरत है जहां शासकों के साथ बर्बरता की गई थी।
‘शासकों को देश छोड़ने पर मजबूर करना होगा’
जेजेपी अध्यक्ष अजय चौटाला ने कहा कि इनको (शासकों को) देश छोड़ने पर मजबूर करने का काम करना पड़ेगा। जिस तरीके से बांग्लादेश नेपाल और श्रीलंका में हुआ ऐसा ही आंदोलन यहां करना पड़ेगा। बता दें, अजय चौटाला हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पिता हैं और पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के बेटे हैं।
अजय चौटाला ने कहा कि पड़ोसी मुल्कों के नौजवानों ने आंदोलन कर के सरकार का तख्ता पलट कर दिया। शासकों को रातोंरात देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया। नेपाल के नौजवानों ने लामबंद होकर के न केवल उनको सड़कों पर पीटने का काम किया, बल्कि देश छोड़कर भगा दिया। इसी तरीके से इन शासकों को गद्दी से खींचकर, उन्हें उतारकर सड़कों पर दौड़ाना होगा और उन्हें पीटना होगा। इनको देश छोड़ने पर मजबूर करने का काम करना पड़ेगा। तभी जाकर हमारा इस कुशासन से पीछा छूटेगा।