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West Bengal Re-Poll: दोबारा वोटिंग में भी 15 बूथों पर हुआ बंपर मतदान, चार मई को आयेंगे नतीजे

पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर और मगरहाट पश्चिम क्षेत्रों में 15 मतदान केंद्रों पर दोबार वोटिंग हुई। दोबार वोटिंग में भी बंपर मतदान हुआ। शाम पांच बजे तक पश्चिम बंगाल में पुनः मतदान के तहत मगराहट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में लगभग 86.11% और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र में 87.60% मतदान दर्ज किया गया। वहीं, अब चुनाव के नतीजे चार मई को आयेंगे...

By शिव मौर्या 
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West Bengal Re-Poll: पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर और मगरहाट पश्चिम क्षेत्रों में 15 मतदान केंद्रों पर दोबार वोटिंग हुई। दोबार वोटिंग में भी बंपर मतदान हुआ। शाम पांच बजे तक पश्चिम बंगाल में पुनः मतदान के तहत मगराहट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में लगभग 86.11% और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र में 87.60% मतदान दर्ज किया गया। वहीं, अब चुनाव के नतीजे चार मई को आयेंगे, जिसपर सबकी नजर टिकी हुई है। चुनाव के नतीजों को लेकर टीएमसी और बीजेपी अपने अपने दावे कर रही है। टीमएसी प्रमुख का कहना है कि, बंगाल में एक बार फिर से टीमएसी की सरकार बनेगी, जबकि बीजेपी नेताओं का दावा है कि, बंगाल में बीजेपी की सरकार बनेगी।

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वहीं, बंगाल में सोमवार को होने वाली मतगणना से पहले राज्य में अतिरिक्त 165 मतगणना पर्यवेक्षकों और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती की है। चुनाव आयोग ने बताया कि अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में पहले से तैनात 294 पर्यवेक्षकों की सहायता करेंगे, जबकि अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षक मतगणना केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे और कानून-व्यवस्था की निगरानी करेंगे। बता दें कि, बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को हुआ था। परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

तृणमूल कांग्रेस के मन की अशांति और बेचैनी बढ़ गई
वहीं, इस दौरान भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि, पश्चिम बंगाल का चुनाव ज्यों-ज्यों आगे बढ़ता गया, त्यों-यों तृणमूल कांग्रेस का जन-समर्थन और मनोबल नीचे गिरता गया।
जैसे ही हिंसा मुक्त और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हो गया, तो तृणमूल कांग्रेस के मन की अशांति और बेचैनी बहुत बढ़ गई। फिर जैसे ही एग्जिट पोल के रूझान सामने आए, तो ऐसा लगने लगा कि उनका संतुलन भी पूरी तरीके से खो गया है। अब जिस प्रकार से तृणमूल कांग्रेस ने अनर्गल, निराधार आरोपों को मुद्दा बनाकर सर्वोच्च न्यायालय जाने का प्रयास किया, ये भी उनकी चिर-परिचित छटपटाहट और बौखलाहट का ही एक प्रमाण है।

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