सीएम ने कहा, आप लोग भूल गए जब जब 86 एसडीएम के पदों में 56 एक जाति विशेष के लोग भर दिए गए थे। ये कौन नहीं जानता है इस बात को। दूसरा वही प्रयागराज है वहां पब्लिक सर्विस कमीशन के कार्यालय में यूपी के नवजान महीनों महीनों धरना दिए थे।
लखनऊ। यूपी विधानमंडल के सत्र का मंगलवार को दूसरा दिन है। दूसरे दिन की कार्रवाई प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई। अनुपूरक बजट पेश किया गया। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात रखी। उन्होंने 69000 शिक्षकों की भर्ती के मुद्दे पर विपक्षी दलों को घेरा। सीएम ने कहा, 69000 शिक्षकों की भर्ती की चर्चा बार बार आती है इसके बारे में कल संग्राम सिंह यादव जी और पूजा जी भी कर रही थी। 69000 शिक्षकों की भर्ती में पिछडी जाति के 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर 18000 पद आरक्षित होते हैं और पिछड़ी जाति के उसमें 32000 से अधिक नवजवान भर्ती हुए हैं।
सीएम ने कहा, 69 हजार शिक्षक भर्ती में सामान्य के लिए 34 हजार पदों में भर्ती होना था। सिर्फ 20 हजार पदों पर भर्ती हुई। आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाकर राजनीति की जा रही है। पहले की सरकारों में भर्जी डिग्री के आधार पर भर्ती कर दी जाती थी। आज यह नहीं हो रहा है। साथ ही कहा, भर्ती में 2017 से पहले क्या स्थितियां थीं कौन नहीं जानता है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में वर्ष 2017 के पहले क्या स्थितियां थीं, कौन नहीं जानता है…
आप लोग भूल गए?
जब 86 एसडीएम के पदों में 56 एक जाति विशेष के लोग भर दिए गए थे… pic.twitter.com/9G8TR7AthE
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 17, 2024
उन्होंने आगे कहा कि,आप लोग भूल गए जब जब 86 एसडीएम के पदों में 56 एक जाति विशेष के लोग भर दिए गए थे। ये कौन नहीं जानता है इस बात को। दूसरा वही प्रयागराज है वहां पब्लिक सर्विस कमीशन के कार्यालय में यूपी के नवजान महीनों महीनों धरना दिए थे। एक अयोग्य व्यक्ति को जिसकी डिग्री फर्जी थी उसे अयोग्य का अध्यक्ष बनाकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया था।