राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफ़े पर निराशा ज़ाहिर करते हुए आरोप लगाया कि अब बिहार पर गुजरात का शासन होगा। मीडिया से बात करते हुए यादव ने राज्य में भाजपा के लिए रास्ता बनाने को लेकर नीतीश कुमार की आलोचना की।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफ़े पर निराशा ज़ाहिर करते हुए आरोप लगाया कि अब बिहार पर गुजरात का शासन होगा। मीडिया से बात करते हुए यादव ने राज्य में भाजपा के लिए रास्ता बनाने को लेकर नीतीश कुमार की आलोचना की। उन्होने कहा कि नए मुख्यमंत्री लोगों की पसंद नहीं है। “वह एक ऐसी पार्टी को स्थापित कर रहे हैं जिसकी विचारधारा उन लोगों जैसी है जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की थी। सीएम पहले बापू का नाम लेते थे। लेकिन अब वह भाजपा को मौक़ा दे रहे हैं। उन्होंने नाथूराम गोडसे की विचारधारा वाली पार्टी को मौक़ा दिया है। वह उन लोगों को स्थापित कर रहे हैं जो कर्पूरी जी को गाली देते थे।
बिहार विधानसभ के विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सीएम कोई भी हो अब बिहार पर गुजरात का शासन होगा। इस बीच बिहार के लिए BJP के केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बिहार में भाजपा विधायक दल का नेता सर्वसम्मति से चुन लिया गया है। सम्राट चौधरी बिहार में भाजपा की तरफ़ से पहले मुख्यमंत्री होंगे। यह घटनाक्रम बिहार के सबसे लंबे समय तक सीएम रहे नीतीश कुमार के इस्तीफ़े के बाद सामने आया है। नीतीश कुमार पिछले 21 सालों बिहार के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने पटना के लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) को अपना इस्तीफ़ा सौंपा। उन्होंने दस अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली थी। राज्यसभा में जाने का यह क़दम कुमार की उस पुरानी इच्छा की पूर्ति का प्रतीक है जिसके तहत वह भारत के हर विधायी सदन में सेवा करना चाहते थे।