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वाहे रे चुनाव आयोग! वोटर को जिंदा होने का सुबूत देने पहुंचना पड़ा सुप्रीम कोर्ट, बोला-मैं जिंदा हूं मीलॉर्ड…जज भी हैरान

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) से पहले निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने बिहार में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) करवाया है, लेकिन बिहार में कराए गए मतदाता पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्ष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) में कई तरह की गड़बड़ियों का दावा कर रहा है।

By santosh singh 
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पटना। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) से पहले निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने बिहार में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) करवाया है, लेकिन बिहार में कराए गए मतदाता पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्ष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) में कई तरह की गड़बड़ियों का दावा कर रहा है। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  तक जा पहुंचा है। इस बीच बिहार के ही एक वोटर ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में बताया है कि वोटर लिस्ट रिवीजन के दौरान बीएलओ ने उन्हें मरा हुआ बता कर मतदाता सूची से उनका नाम काट दिया है।

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भोजपुर जिले में आरा विधानसभा के शहरी मतदान केंद्र के मतदाता मिंटू पासवान( पिता उदय पासवान, उम्र 41 वर्ष) को मृत घोषित कर प्रारूप प्रकाशन से नाम हटा दिए जाने को लेकर मंगलवार को वो सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम को ले सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  में मंगलवार को सुनवाई के दौरान इन्हें प्रस्तुत किया गया कि ये जीवित हैं, जबकि इनका नाम मृत बता मतदाता सूची से हटा दिया गया है। इनका पुराना इपिक नंबर 0701235 है। ये आरा नगर निगम के वार्ड नंबर एक सिंगही कला के मतदान केंद्र संख्या 92 (पुराना) और 100 (नया) के मतदाता रहे हैं।

यह मैट्रिक पास और पेशे से मजदूर हैं। मिंटू पासवान ने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान इनके पास बीएलओ सत्यापन के लिए नहीं आए थे। पता चला कि वार्ड पार्षद से बात कर चले गए थे। जबकि बीएलओ को घर-घर जाकर सत्यापन करने की जिम्मेदारी जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से दी गई थी। जब मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन हुआ तो मैंने पाया कि मेरा नाम मृत घोषित कर काट दिया गया है। फिर मैंने इसकी शिकायत दर्ज कराई तो बीएलओ 10 दिनों बाद आकर मिले और नाम जोड़ने के लिए कई दस्तावेजों की मांग करने लगे।

उन्होंने बताया कि सिर्फ मेरा ही नहीं, कई जिंदा लोगों का नाम मृत बताकर हटा दिया गया है। मेरे ही वार्ड की 69 वर्षीय फुलझारो देवी( पति कमला यादव ) का नाम मृत घोषित कर काट दिया गया है। इनका पुराना इपिक नंबर 2457935 है। हम दोनों पिछले कई चुनावों में मतदान करते आ रहे हैं। दावा आपत्ति के लिए मिले समय में प्रपत्र भरकर दावा आपत्ति भी की गई है। इसी तरह शहर के ही वार्ड नंबर 35 के धरहरा निवासी शंकर चौहान पिता शिवजी चौहान ( उम्र 64 साल इपिक नंबर 903331), इसी वार्ड के मदन चौहान (पिता यदुनंदन चौहान उम्र 73 साल और इपिक नंबर 1309913) एवं इसी वार्ड की सुधा देवी (पति शशिकांत चौहान उम्र 34 साल इपिक नंबर 1520642 ) का नाम मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन से मृत घोषित कर हटा दिया गया है।

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