मेरठ में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को लेकर कार्रवाई का सामना कर रहीं सस्पेंडेड महिला दरोगा अनु कॉलिस ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने यूट्यूब पर लाइव आकर पूरे विवाद पर सफाई दी और एक इन्फ्लुएंसर पर उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो बिना अनुमति सोशल मीडिया पर साझा करने का आरोप लगाया..
मेरठ में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को लेकर कार्रवाई का सामना कर रहीं सस्पेंडेड महिला दरोगा अनु कॉलिस ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने यूट्यूब पर लाइव आकर पूरे विवाद पर सफाई दी और एक इन्फ्लुएंसर पर उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो बिना अनुमति सोशल मीडिया पर साझा करने का आरोप लगाया। अनु ने कहा कि जिस तरह से उनका वीडियो वायरल किया गया उससे उनकी वर्षों की मेहनत और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
लाइव के दौरान अनु उसी ड्रेस में नजर आईं, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ था। उन्होंने बताया कि यह ड्रेस उन्होंने अपनी मां के साथ आगरा के एक मॉल से खरीदी थी। उनके मुताबिक परिवार में इस तरह के कपड़े पहनने को लेकर किसी को आपत्ति नहीं है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि किसी दूसरे व्यक्ति को उनके कपड़ों पर आपत्ति जताकर वीडियो वायरल करने का अधिकार किसने दिया।
‘आपत्ति थी तो सीधे शिकायत करते’
अनु ने कहा कि अगर उनके किसी वीडियो या कंटेंट को लेकर किसी को परेशानी थी तो वह सीधे उनसे संपर्क कर सकता था या पुलिस विभाग के सामने शिकायत रख सकता था। उनका आरोप है कि मामले को सोशल मीडिया पर उछालने के पीछे ज्यादा से ज्यादा व्यूज हासिल करने की कोशिश थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि संबंधित इन्फ्लुएंसर ने अब वह वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया है। अनु के मुताबिक इन्फ्लुएंसर ने उनके भाई से फोन पर बात कर माफी भी मांगी है।
फूड और फिटनेस से जुड़े वीडियो बनाती रही हैं अनु
अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर अनु ने कहा कि वह लंबे समय से फूड और फिटनेस से संबंधित वीडियो बनाती रही हैं। उनका कहना है कि उनके कंटेंट को गलत तरीके से पेश किया गया और उन पर आपत्तिजनक या अश्लील वीडियो बनाने जैसे आरोप लगाए गए। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उनके कंटेंट में ऐसा क्या था, जिसे आपत्तिजनक बताया जा रहा है। अनु ने साफ कहा कि वह विभाग की किसी भी जांच से भाग नहीं रही हैं और मामले में होने वाली प्रशासनिक जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।
वर्दी और QR कोड को लेकर भी उठे थे सवाल
विवादित वीडियो को लेकर इन्फ्लुएंसर ने यूपी पुलिस के अधिकारियों को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसमें अनु के वीडियो, उनके पहनावे और QR कोड को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद मामला पुलिस विभाग तक पहुंचा और जांच शुरू हुई। अनु का कहना है कि सोशल मीडिया पर जिस तरह से पूरे मामले को पेश किया गया उससे उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचा। उन्होंने अपनी ओर से सभी आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि यदि किसी नियम का उल्लंघन हुआ है तो वह जांच में अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं।
16 अगस्त को हुई थी विभागीय कार्रवाई
गौरतलब है कि कथित आपत्तिजनक वीडियो और पुलिस आचरण नियमावली के उल्लंघन के मामले में अनु कॉलिस को 16 अगस्त को निलंबित किया गया था। यह कार्रवाई तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय के आदेश पर की गई थी। अब पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आकर अनु ने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीर और वीडियो को लेकर उनकी अपनी कहानी है और जांच में उनका पक्ष भी सुना जाना चाहिए।