समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने विधान परिषद चुनावों में वाराणसी में भाजपा की हार पर तीखा हमला बोला। एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने भाजपा (BJP) को ‘फ्लॉप शो’ बताया। कहा कि इन चुनावों के नतीजों ने 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections) की प्रस्तावना लिख दी है।
वाराणसी। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने विधान परिषद चुनावों में वाराणसी में भाजपा की हार पर तीखा हमला बोला। एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने भाजपा (BJP) को ‘फ्लॉप शो’ बताया। कहा कि इन चुनावों के नतीजों ने 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections) की प्रस्तावना लिख दी है। उन्होंने इसे भाजपा की शिक्षा और शिक्षकों से जुड़ी नीतियों के खिलाफ जनादेश करार दिया।
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने वाराणसी में मतगणना का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा (BJP) पहले काउंटिंग और फिर री-काउंटिंग में भी हार गई। उन्होंने इसे ‘डबल इंजन की डबल हार’ बताया। कहा कि चुनाव में पढ़े-लिखे बेरोजगार स्नातकों और अपने भविष्य को लेकर चिंतित युवाओं ने भी फैसला सुना दिया है।
डबल इंजन का डबल ज़ीरो!
#वाराणसी
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 29, 2026
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‘जो पीड़ित, वो पीडीए’
सपा प्रमुख ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि भाजपा की नीतियों से विभिन्न समाजों के लोग पीड़ित, दुखी और अपमानित महसूस कर रहे हैं। इससे उत्पीड़ित वर्ग एकजुट हो रहे हैं और पीडीए का जनाधार 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। पीडीए से सपा का आशय पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से है।
अखिलेश ने भाजपा के भीतर कथित गुटबाजी का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की अंदरूनी फूट बढ़ रही है और विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं। तंज कसा कि भाजपा पहले प्रत्याशियों का सर्वे करा रही थी, लेकिन अब दूरबीन लेकर उम्मीदवार तलाश रही है।
चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों को दी बधाई
अखिलेश यादव ने चुनाव में जीत हासिल करने वाले सपा प्रत्याशियों को बधाई दी। साथ ही उन प्रत्याशियों का भी अभिनंदन किया, जिन्हें उन्होंने कथित चालबाजी और हेराफेरी के कारण हारने वाला बताया। दावा किया कि सपा के सभी प्रत्याशी उनके लिए विजेता हैं, भले ही उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिला हो।
प्रिय मतदाताओं,
भाजपा एक ‘फ़्लॉप शो’ बन गई है।
भाजपा वाले वाराणसी में पहले ‘काउंटिंग’ में हारे, फिर दोबारा ‘री-काउंटिंग’ में हारे, मतलब दो बार मतगणना हुई और दोनों बार भाजपा और उनके संगी-साथी हारे।
ये डबल इंजन की डबल हार है।
विधान परिषद के चुनावों में भाजपा की हार ने 2027 में होने वाले उ.प्र. विधानसभा चुनाव की प्रस्तावना लिख दी है। ये एक तरफ़ भाजपा की ‘शिक्षक, शिक्षार्थी व शिक्षा’ विरोधी नीतियों की हार है, तो दूसरी तरफ़ पढ़े-लिखे ‘बेरोज़गार स्नातकों’ ने भी अपना फ़ैसला सुना दिया है।
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भाजपा ने हर समाज को जिस तरह ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ किया है, उससे सभी उत्पीड़ित एक साथ आ गए हैं। पीडीए का जनाधार अब 95% हो गया है, क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो पीडीए’!
इससे भाजपा में अस्तित्व का संकट शुरू हो गया है, क्योंकि भाजपा के अंदर तो सभी लोग जानते हैं कि जो सीटें भाजपा जीती भी है, वो भी हेराफेरी से जीती गई हैं। भाजपा की अंदरूनी फूट से डबल इंजन की टकराहट और बढ़ गई है। इसीलिए भाजपाई प्रत्याशी विधानसभा चुनाव लड़ने की हिम्मत पूरी तरह हार गए हैं। जो भाजपा अब तक प्रत्याशियों का सर्वे करा रही थी, वो अब दूरबीन लेकर प्रत्याशी ढूँढ़ रही है, पर कहीं कोई नज़र नहीं आ रहा है।
भाजपा की टिकट की खिड़की खाली है।
इस उत्साहवर्धक जीत के लिए उ.प्र. के परम आदरणीय शिक्षकगण व अपने भविष्य के लिए चिंतित युवाओं का हम हृदय से आभार प्रकट करते हैं कि उन्होंने न केवल हमें वोट दिया, बल्कि हमारे ‘पीडीए प्रहरियों’ के साथ यथासंभव निगरानी भी रखी और प्रमाणपत्र मिलने तक डटे रहे।
हम अपने सभी जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई देते हैं और उनको भी, जिनको चालबाज़ी-जालसाज़ी से हराया गया। दरअसल हमारा कोई भी प्रत्याशी हारा नहीं है, बस वो भाजपाई हेराफेरी के आगे जीत नहीं पाया। हम उनका भी बराबर अभिनंदन करते हैं। हमारे लिए वे सब भी बिना सर्टिफ़िकेट के विजेता हैं।
यही सजगता और एकजुटता 2027 में हमारी सरकार बनाने के लिए ‘निर्णायक नींव’ बनेगी।
पुनः सभी मतदाताओं को कोटि-कोटि हार्दिक धन्यवाद!
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आपका अखिलेश
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 29, 2026
सपा प्रमुख ने शिक्षकों और युवाओं का आभार जताते हुए कहा कि मतदाताओं ने पार्टी के पक्ष में मतदान करने के साथ ही मतगणना के दौरान भी निगरानी रखी और प्रमाणपत्र मिलने तक डटे रहे। उन्होंने इस एकजुटता को 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनाने की निर्णायक नींव बताया।