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RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत विपक्ष लिए बनेगा नई राजनीतिक संजीवनी, जानें नवनिर्वाचित MLC अभिजीत वंजारी ने कैसे ढहाया बीजेपी का किला?

पीएम मोदी (PM Modi) ने लोगों से पूछा कि बताईए, कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं? इसके साथ ही पीएम मोदी (PM Modi) ने अपने पोस्ट के अंत में एक मोनोकल यानी (एक आंख वाला चश्मा) इमोजी का इस्तेमाल किया, जो पीएम मोदी (PM Modi) के कटाक्ष और तंज को दर्शा रहा है।इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि कांग्रेस ने 28 में से कितनी सीटें जीती…"0", Ballot Box इस्तीफ़ा दो...।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बुधवार को चार राज्यों विधान परिषद (MLC) की 28 सीटों पर हुए चुनाव का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर तंज कसा। पीएम मोदी (PM Modi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इन चार बड़े राज्यों में चुनाव मतपत्रों के जरिए कराए गए थे। पीएम मोदी (PM Modi) ने लोगों से पूछा कि बताईए, कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं? इसके साथ ही पीएम मोदी (PM Modi) ने अपने पोस्ट के अंत में एक मोनोकल यानी (एक आंख वाला चश्मा) इमोजी का इस्तेमाल किया, जो पीएम मोदी (PM Modi) के कटाक्ष और तंज को दर्शा रहा है।इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि कांग्रेस ने 28 में से कितनी सीटें जीती…”0″, Ballot Box इस्तीफ़ा दो…।

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शाम तक कांग्रेस के खाते में एक भी सीट जब नहीं आई तो उसे शून्य पर आउट पार्टी करार दिया गया। मीडिया से लेकर सियासी जगत में कांग्रेस के इस चुनावी हार खासकर कांग्रेस शासित कर्नाटक में चारों सीटों पर हुई हार को लेकर तंज कसे जाने लगे, लेकिन बुधवार देर रात चली मतगणना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का गढ़ कहे जाने वाले नागपुर (महाराष्ट्र) स्नातक क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अभिजीत वंजारी (Newly Elected MLC Abhijit Wanjari) ने बीजेपी प्रत्याशी सुधाकर कोहले को करारी पटखनी देते हुए उनका किला ध्वस्त कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत विपक्ष लिए बनेगा नई राजनीतिक संजीवनी बनेगा। नागपुर में RSS का मुख्यालय है और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का भी मजबूत राजनीतिक प्रभाव रहा है।

अभिजीत वंजारी की जीत ने सियासी हमले झेल रहे कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं के मुरझाए चेहरे पर बुधवार की देर रात बड़ी खुशी वापस ला दी। वंजारी ने बेहद करीबी मुकाबले में नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट को अपने पास बरकरार रखा है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार और पूर्व विधायक सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से हराया। हालांकि, यह सीट पारंपरिक रूप से भाजपा का गढ़ रही है। वंजारी को 67,231 वोट मिले, जबकि कोहले को 63,960 वोट प्राप्त हुए।

वंजारी ने बताया क्यों जीते?

जीत के बाद अपने आवास पर वंजारी ने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव अन्य चुनाव से अलग होते हैं क्योंकि यहां के मतदाता शिक्षित होते हैं और वे समझते हैं कि विधान परिषद में उनके चुने गए प्रतिनिधियों से किस तरह के काम की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा कि मतदाता इस बात से अवगत थे कि कांग्रेस ने पिछले छह वर्षों में क्या काम किया है और चुनाव के नतीजे उन्हीं प्रयासों का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि हम अगले छह वर्षों में भी इसी तरह के कार्यक्रम जारी रखने का इरादा रखते हैं। भाजपा के धुंआधार प्रचार करने, नागपुर के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र होने और यहां RSS का मुख्यालय होने के बारे में पूछे जाने पर वंजारी ने कहा कि भाजपा ने अपने उम्मीदवार के बजाय उन्हें निशाना बनाकर प्रचार किया।

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कौन हैं अभिजीत वंजारी?

वंजारी पेशे से एक वकील हैं। उनका कांग्रेस से पुराना नाता है। उनके दिवंगत पिता गोविंदराव वंजारी, दक्षिण नागपुर से दो बार कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं। इसलिए इस क्षेत्र में उनका और उनके परिवार का रसूख पुराना है। अभिजीत वंजारी ने नागपुर यूनिवर्सिटी से बीए और कानून की डिग्री ली है। उन्होंने इसी यूनिवर्सिटी की सीनेट में भी काम किया है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। 1998 से 2002 तक वह कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI में महाराष्ट्र प्रदेश के महासचिव रह चुके हैं। इसके अलावा वह यूथ कांग्रेस और नागपुर जिला कांग्रेस में भी विभिन्न पदों पर काम किया है।

कई कॉलेजों के संचालक हैं वंजारी

वह बिहार और यूपी के चुनावों में पार्टी के पर्यवेक्षक के तौर पर भी काम कर चुके हैं। वंजारी अमर सेवा मंडल नाम की गैर सरकारी संस्था के सचिव भी हैं। यह संस्था विदर्भ क्षेत्र में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, लॉ, मैनेजमेंट और डिग्री कॉलेज का संचालन करती है। लोकमत के मुताबिक, वंजारी ‘गोविंद अर्बन क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी’ के भी अध्यक्ष हैं और ‘गोविंदराव वंजारी फाउंडेशन’ का संचालन भी करते हैं। राजनीतिक सफर की बात करें तो वंजारी को MLC चुनावों से पहले विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। वो 2005 में दक्षिण नागपुर विधानसभा उपचुनाव और 2014 में पूर्वी नागपुर विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। इसके बाद 2020 में, उन्होंने MLC चुनावों में भाजपा के संदीप जोशी को 18,910 वोटों से हराया था और नागपुर स्नातक सीट जीती थी। इस बार वह फिर से इस सीट पर जीतने में कामयाब रहे हैं।

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