भारत-पाकिस्तान मुकाबले (India-Pakistan Match) से पहले खिलाड़ियों के बीच बयानबाजी अपने चरम पर है। इस बार केंद्र में पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक हैं। उनके एक्शन, उनकी गेंदबाजी और संभावित असर पर जितनी चर्चा हुई है, उतनी शायद किसी एक खिलाड़ी पर लंबे समय से नहीं हुई।
नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान मुकाबले (India-Pakistan Match) से पहले खिलाड़ियों के बीच बयानबाजी अपने चरम पर है। इस बार केंद्र में पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक हैं। उनके एक्शन, उनकी गेंदबाजी और संभावित असर पर जितनी चर्चा हुई है, उतनी शायद किसी एक खिलाड़ी पर लंबे समय से नहीं हुई। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज (Former Pakistan captain Mohammad Hafeez) का मानना है कि यह शोर अपने आप में एक मनोवैज्ञानिक जीत है और वह भी मैच शुरू होने से पहले।
हफीज ,बोले-उधर है घबराहट
हफीज ने भारत-पाकिस्तान मैच (India-Pakistan Match) का प्रीव्यू करते हुए कहा कि इस समय चर्चा बाबर या किसी और की नहीं, सिर्फ तारिक की हो रही है। उनके मुताबिक यह दिखाता है कि भारतीय खेमे में बेचैनी है। उन्होंने कहा कि अगर क्रिकेट के नजरिये से देखें, तो उस्मान तारिक को लेकर बना हाइप हमारे लिए एक मनोवैज्ञानिक जीत है। अभी कोई बाबर आजम या किसी और खिलाड़ी की बात नहीं कर रहा। लोग सिर्फ उस्मान तारिक की चर्चा कर रहे हैं। उसने एक-दो मैच ही खेले हैं, लेकिन सोचिए उसने भारतीय कैंप में कितनी घबराहट पैदा कर दी है। वे खास तौर पर उसके खिलाफ अभ्यास कर रहे हैं।
एक खिलाड़ी, पूरी दुनिया की नजर
हफीज को हैरानी इस बात पर भी है कि इतना ध्यान शायद ही कभी किसी एक खिलाड़ी पर गया हो। उन्होंने कहा, ‘आपने कितनी बार देखा है कि सिर्फ एक खिलाड़ी पर इतनी चर्चा हो? पूरा मीडिया, पूरा हाइप, पूरी दुनिया, सब सिर्फ मैच के नतीजे के बारे में नहीं, बल्कि यह सोच रहे हैं कि कल उस्मान तारिक क्या करेगा।’ तारिक ने अभी पाकिस्तान के लिए गिने-चुने टी20 मुकाबले खेले हैं, लेकिन उनकी रहस्यमयी शैली ने उत्सुकता को कई गुना बढ़ा दिया है।
हफी कप्तान के लिए संदेश
हफीज ने पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा (Pakistan captain Salman Agha) को साफ सलाह दी है कि तारिक को बचाव के लिए नहीं, हमला करने के लिए इस्तेमाल करो। उनका मानना है कि अगर उन्हें आक्रामक भूमिका में उतारा गया, तो वह अकेले मैच का रुख बदल सकते हैं। हफीज ने कहा कि अब मैं देखना चाहता हूं कि कप्तान कितने सकारात्मक फैसले लेते हैं और उस्मान तारिक को कैसे इस्तेमाल करते हैं। अगर उन्हें डिफेंसिव तरीके से लगाया, तो पाकिस्तान के लिए कुछ काम नहीं करेगा। आपको उन्हें अटैकिंग माइंडसेट के साथ इस्तेमाल करना होगा।’
छठा ओवर भी हो सकता है मौका
हफीज ने एक दिलचस्प सुझाव भी दिया। उनका मानना है कि पावरप्ले का आखिरी, यानी छठा ओवर अक्सर गेंदबाजी यूनिट के लिए बेहद अहम होता है और वहीं सबसे असरदार गेंदबाज को लाना चाहिए। हफीज ने कहा, ‘छठा ओवर बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर तारिक को अटैकिंग ज़ोन में इस्तेमाल किया गया, तो वह बहुत प्रभाव डाल सकते हैं। मैं यह नहीं कह रहा कि अबरार, नवाज या शादाब फर्क नहीं डालेंगे, लेकिन इस वक्त सारी नजरें उस्मान तारिक पर हैं।’
भारत का जवाब तैयार?
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में तारिक पर सवाल हुए। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में माना कि फिलहाल वह सिलेबस से बाहर का सवाल हैं, लेकिन भारत के पास उसका जवाब होगा।सूर्यकुमार का संदेश साफ था, चुनौती नई है, पर तैयारी भी पूरी है।
मैच से पहले मानसिक बढ़त की भी है जंग
मैच से पहले जो माहौल बन रहा है, उसमें साफ दिखता है कि यह सिर्फ बैट और बॉल की भिड़ंत नहीं। यह मानसिक बढ़त की जंग भी है। अगर भारत तारिक को जल्दी पढ़ लेता है, तो हाइप हवा हो सकता है। लेकिन अगर शुरुआती झटके लगे, तो वही चर्चा पाकिस्तान के आत्मविश्वास को दोगुना कर देगी। हालांकि, पाकिस्तान को अपने दावे के पहले इस हकीकत को नहीं भूलना चाहिए कि उनकी टीम के पास हमेशा से स्पिनर रहे हैं। चाहे वह सईद अजमल हों या सकलेन मुश्ताक या फिर अबरार अहमद, हमेशा मिस्ट्री स्पिनर का हाइप बना, लेकिन भारत के खिलाफ विश्वकप में वह एक मैच को छोड़कर कभी पार नहीं पा सके। पाकिस्तान का टी20 में प्रदर्शन भारत के सामने बेहद साधारण रहा है। ऐसे में भारत उनकी एक और मिस्ट्री को नेस्तनाबूद कर दे तो कोई हैरानी नहीं होगी।