1. हिन्दी समाचार
  2. बिहार
  3. ‘वोट चोरी’ से बनी सरकार….जमीन चोर और मुनाफा खोर है…कन्हैया कुमार ने साधा निशाना

‘वोट चोरी’ से बनी सरकार….जमीन चोर और मुनाफा खोर है…कन्हैया कुमार ने साधा निशाना

बिहार के पटना में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने प्रेस कॉफ्रेंस करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, 'वोट चोरी' से बनी सरकार....जमीन चोर है, मुनाफा खोर है, बचत चोर है...वो सरकार अब बिहार का संसाधन नरेंद्र मोदी के दोस्त अडानी को सौंपने में लगी हुई है। अडानी के वारे न्यारे हैं, अब उन्होंने बिहार में भी पांव पसारे हैं।

By शिव मौर्या 
Updated Date

पटना। बिहार के पटना में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने प्रेस कॉफ्रेंस करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, ‘वोट चोरी’ से बनी सरकार….जमीन चोर है, मुनाफा खोर है, बचत चोर है…वो सरकार अब बिहार का संसाधन नरेंद्र मोदी के दोस्त अडानी को सौंपने में लगी हुई है। अडानी के वारे न्यारे हैं, अब उन्होंने बिहार में भी पांव पसारे हैं।

पढ़ें :- Video : TMC बोली-अभिषेक बनर्जी के हत्या की प्लानिंग बना रही है भाजपा, कोलकाता एयरपोर्ट पर बंदूक संग पकड़ा गया शख्स

उन्होंने आगे कहा, भागलपुर के जिस पावर प्लांट की हम चर्चा कर रहे हैं, उसकी शुरुआत UPA सरकार के समय हुई थी। उस वक्त राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर ये प्रोजेक्ट शुरू करना था, लेकिन मोदी सरकार ने इस प्रोजेक्ट से अपने हाथ पीछे खींच लिए। ऐसे में सवाल हैं-अडानी को इस प्रोजेक्ट के लिए 1 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन क्यों दी गई? इस प्रोजेक्ट के लिए अडानी ने जितना बजट रखा था, सरकार के पास भी उतना ही बजट आवंटित था, फिर ये प्रोजेक्ट अडानी को क्यों दे दिया गया? इस प्रोजेक्ट से कुल एक लाख करोड़ रुपए का मुनाफा होना है, जो अब बिहार के लोगों के पास नहीं, मोदी जी के दोस्त की तिजोरी में पहुंचेगा।

उन्होंने आगे कहा, अडानी दूसरे राज्यों में फिक्स रेट पर 3 रुपए या 3.5 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से ठेका ले रहे हैं, लेकिन बिहार में यही ठेका इन्हें 6 रुपए प्रति यूनिट से भी ज्यादा पर मिला है। ऐसे में सवाल ये भी उठता है कि ऐसे मनमाने रेट पर अडानी को ये प्रोजेक्ट क्यों सौंप दिया गया?

कन्हैया कुमार ने आगे कहा, ये ‘वोट चोर’ सरकार- ‘जमीन चोर’ है। कई दिनों से ये हल्ला हो रहा था कि बिहार में सर्वे होगा। ऐसे में वहां के लोग अपनी जमीनों के कागज लेकर, सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे और घूसखोरी के नेक्सस में फंस रहे थे। सच्चाई ये है कि सरकार को सर्वे नहीं करना है, इनकी गिद्ध नजर बिहार की जमीनों पर है। इनका मकसद है कि बिहार के लोगों की जमीनें छीनकर अपने दोस्तों को सौंप दी जाए।

 

पढ़ें :- PM Kisan Yojana 23th Installment : चेक करें आपके खाते में आए 2000 रुपये, 23वीं किस्त नहीं आई तो आप इस हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...