1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP को बड़ा झटका, तीन विधायक कुंवर विजय, चेतन सिंह और हरमीत ने थामा बीजेपी का झंडा

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP को बड़ा झटका, तीन विधायक कुंवर विजय, चेतन सिंह और हरमीत ने थामा बीजेपी का झंडा

पंजाब  विधानसभा चुनाव  2027 (Punjab Assembly Elections 2027) से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। दो दिनों के भीतर पार्टी के तीन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है और सोमवार को तीनो ने ही बीजेपी का हाथ थाम लिया है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोमवार (2 नवंबर) को पंजाब विधानसभा (Punjab Assembly) की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की थी।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। पंजाब  विधानसभा चुनाव  2027 (Punjab Assembly Elections 2027) से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। दो दिनों के भीतर पार्टी के तीन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है और सोमवार को तीनो ने ही बीजेपी का हाथ थाम लिया है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोमवार (2 नवंबर) को पंजाब विधानसभा (Punjab Assembly) की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। इससे पहले रविवार को पटियाला जिले के समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। तीनों नेताओं ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने पार्टी के मुख्यालय पहुंचकर बीजेपी जिंदाबाद के नारे लगाए।

पढ़ें :- Punjab Assembly elections 2027 : पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP के 2 विधायकों ने दिया पार्टी से इस्तीफा , राजनीति हलचल तेज

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने स्पीकर को भेजा इस्तीफा

अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को अपना इस्तीफा भेजा है। उन्होंने इस्तीफे में 1 नवंबर 2026 से अपनी विधानसभा सीट छोड़ने की बात कही है। कुंवर विजय प्रताप सिंह पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं और 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। कुंवर विजय प्रताप सिंह के भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी नेतृत्व के साथ लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। वह लगातार सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। सोमवार को कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम लिया है।

बेअदबी मामलों की जांच को लेकर जताई थी नाराजगी

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने 2015 के बरगाड़ी बेअदबी और उससे जुड़े पुलिस फायरिंग मामलों में न्याय मिलने में देरी को लेकर पंजाब सरकार की आलोचना की थी। जनवरी 2023 में उन्होंने जांच से जुड़े मतभेदों के बाद विधानसभा की सरकारी आश्वासन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राज्य में नशे, अपराध, जबरन वसूली और गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा जून 2025 में शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी और विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई थी। आम आदमी पार्टी ने उनके सार्वजनिक बयानों को पार्टी विरोधी गतिविधियां मानते हुए 2025 में उन्हें पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था।

पढ़ें :- CTI चेयरमैन बृजेश गोयल दिल्ली सरकार में वित्तीय समिति के सदस्य, AAP से है तगड़ा कनेक्शन, यूं ही नहीं कर रहे हैं कांग्रेस रैली की खिलाफत

रविवार को दो विधायकों ने छोड़ी थी पार्टी

इससे पहले रविवार (1 नवंबर) को पटियाला जिले के दो विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दिया था। इनमें समाना से विधायक और भगवंत मान सरकार में मंत्री रह चुके चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं। दोनों नेताओं ने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ी थी। उनके इस्तीफे ऐसे समय आए, जब पार्टी ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। हालांकि, इस सूची में समाना और सनौर सीटों के उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया गया था।

तीनों नेता बीजेपी में शामिल

कुंवर विजय प्रताप सिंह, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा के सोमवार को बीजेपी में शामिल होने की बात सामने आई। दो दिनों के भीतर तीन विधायकों के पार्टी से अलग होने से पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है। राज्य में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

पढ़ें :- पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस का AAP पर हमला, 4 नवंबर को संगरूर में राहुल गांधी करेंगे ‘हिसाब मांगो’ रैली
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...