अक्टूबर और नवंबर का महीना पहाड़ों की सैर के लिए सबसे जादुई समय होता है, क्योंकि इस दौरान हल्की और सुहावनी 'गुलाबी ठंड' की शुरुआत हो जाती है। पहाड़ों में इन दिनों दिन का मौसम तो सुहावना और साफ रहता है, लेकिन सुबह और शाम के समय तापमान काफी कम (10°C से नीचे) हो जाता है। इसलिए हल्के और मध्यम दर्जे के ऊनी कपड़े (जैसे जैकेट, शॉल, या स्वेटर) अपने साथ जरूर ले जाएं।.
pink cold mountains outing : अक्टूबर और नवंबर का महीना पहाड़ों की सैर के लिए सबसे जादुई समय होता है, क्योंकि इस दौरान हल्की और सुहावनी ‘गुलाबी ठंड’ की शुरुआत हो जाती है। पहाड़ों में इन दिनों दिन का मौसम तो सुहावना और साफ रहता है, लेकिन सुबह और शाम के समय तापमान काफी कम (10°C से नीचे) हो जाता है। इसलिए हल्के और मध्यम दर्जे के ऊनी कपड़े (जैसे जैकेट, शॉल, या स्वेटर) अपने साथ जरूर ले जाएं।
‘पहाड़ों की रानी’
मसूरी में इन दिनों न्यूनतम तापमान करीब 9°C तक पहुंच गया है, जो घूमने के लिए एकदम परफेक्ट है। अगर आपको और शांत और ठंडी जगह पसंद है, तो आप मसूरी से आगे धनौल्टी या चकराता का रुख कर सकते हैं जहां मौसम और भी सर्द रहता है। इसके अलावा कम बजट में शांत अनुभव के लिए चम्बा भी एक अनूठा विकल्प है।
कुपुप और ग्नाथंग घाटी, सिक्किम
लगभग 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित, ये बर्फीली और कड़ाके की ठंड वाली घाटियां तब रंगों से भर उठती हैं, जब हिमालय के गुलाबी जंगली फूलों की चादर पूरे पहाड़ी इलाके को ढक लेती है।
मनाली और रोहतांग
हिमाचल के मनाली और रोहतांग जैसे ऊंचे इलाकों में तापमान तेजी से गिरा है, जिससे वहां बेहतरीन ठंड का अहसास हो रहा है। शाम के समय शिमला के मॉल रोड पर हल्की धुंध और ठंडी हवाओं के बीच टहलना एक यादगार अनुभव देता है।