यूपी (UP) के अंबेडकर नगर जिले (Ambedkar Nagar District) में मुठभेड़ में एक लाख के इनामी बदमाश विक्की उर्फ आसिम अली उर्फ नक्शे हसन उर्फ पेंदा को पुलिस ने ढ़ेर कर दिया है। बता दें कि आसिम अली कानपुर जिले के बिल्हौर थाना (Bilhaur police station) इलाके के मकनपुर गांव का मूल निवासी था। अंतरराज्यीय छैमार (Chhaimar Gang) गिरोह का कुख्यात बदमाश विक्की अप्रैल 2014 से वांछित था।
अंबेडकर नगर। यूपी (UP) के अंबेडकर नगर जिले (Ambedkar Nagar District) में मुठभेड़ में एक लाख के इनामी बदमाश विक्की उर्फ आसिम अली उर्फ नक्शे हसन उर्फ पेंदा को पुलिस ने ढ़ेर कर दिया है। बता दें कि आसिम अली कानपुर जिले के बिल्हौर थाना (Bilhaur police station) इलाके के मकनपुर गांव का मूल निवासी था। अंतरराज्यीय छैमार (Chhaimar Gang) गिरोह का कुख्यात बदमाश विक्की अप्रैल 2014 से वांछित था।
उस दौरान उसने जौनपुर जिले (Jaunpur District) के एक परिवार पर जानलेवा हमला कर डकैती डाली थी। हमले में घायल तीन लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। विक्की पर उत्तर प्रदेश के नौ जिलों और हरियाणा में गंभीर किस्म की आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के आरोप में 21 मुकदमे दर्ज थे।
खानाबदोश की तरह रहने वाले छैमार गिरोह (Chhaimar Gang) के बदमाश पहले बावरिया गिरोह के लिए आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे। बावरिया गिरोह के सरगना सलीम बावरिया से अलग होकर फाती उर्फ कदीम उर्फ पहलवान ने छैमार गिरोह (Chhaimar Gang) बनाया था। विक्की को वर्ष 2006 में मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित एक मामले में लखनऊ पुलिस (Lucknow Police) ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
जेल से जमानत पर छूट कर वह बाहर आया तो फाती उर्फ कदीम उर्फ पहलवान का शागिर्द बन गया। इसके बाद सिंहबाज उर्फ केसरी नाथ, नुमाइश, दिलबाग, फिरोज, बग्गा और अन्य बदमाशों के साथ डकैती और हत्या की घटनाओं को अंजाम देने लगा। कानपुर में विक्की का नाम किसी आपराधिक घटना में कभी सामने नहीं आया था।
यह जरूर रहा कि उसने कानपुर देहात, लखनऊ, सुल्तानपुर, फतेहपुर, बाराबंकी, जौनपुर, प्रयागराज, कौशांबी जैसे जिलों और हरियाणा में एक के बाद एक जघन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। नौ मार्च 2025 को फाती मथुरा पुलिस मुठभेड़ (Mathura Police Encounter) में मारा गया तो गिरोह कमजोर हुआ और उससे जुड़े सारे बदमाश भूमिगत हो गए। फाती के साल भर बाद ही छैमार गिरोह (Chhaimar Gang) का एक अन्य कुख्यात विक्की भी ढेर हो गया।
मेले में चोरी से आता और चादर चढ़ाकर चला जाता था
बिल्हौर के मकनपुर कस्बे के लोगों ने बताया कि विक्की उर्फ आसिम अली का वर्षों से यहां से कोई नाता नहीं था। हालांकि हर साल दो बार लगने वाले मेले में वह किसी न किसी भेष में यहां आता था। मदार साहब की दरगाह पर चादर चढ़ाकर चुपचाप निकल जाता था। कस्बे के कुछ ही लोग उसे पहचान पाते थे। यहां तक कि पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगती थी।
ईशन नदी (Ishan River) किनारे स्थित ऐतिहासिक कस्बा मकनपुर बावरिया गिरोह का गढ़ रहा है। वर्ष 2009-10 में नट बिरादरी के करीब 20-25 पुरुष व इतनी ही महिलाएं और बच्चे मकनपुर में पश्चिमी ओर ईशन नदी किनारे झोपड़ी बनाकर रुके थे। स्थानीय राजनीति के कारण वर्ष 2010 में इन घुमंतू जाति वाले लोगों के वोट बने और इन्होंने तब अपने मताधिकार का भी प्रयोग किया।
वर्ष 2014 में विषधन, खाड़ामऊ में डकैती की दो अलग-अलग वारदात में इन्हीं लोगों का नाम प्रकाश में आया था। जांच में इसी डेरे के सात लोगों को पकड़ा गया था। इसके बाद पुलिस ने इनके अस्थायी डेरों को नष्ट कर दिया था। इन्हीं डेरों में नट बिरादरी का विक्की और उसका परिवार भी रहता था।
मकनपुर प्रधान मजाहिर हुसैन (Makanpur Pradhan Mazahir Hussain) के मुताबिक पहले भी कई बार विक्की की तलाश में पुलिस गांव आई थी। हालांकि परिवार रजिस्टर के साथ किसी भी दस्तावेज में उसका रिकॉर्ड नहीं मिला। आशंका जताई जा रही है कि पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने मकनपुर का नाम इस्तेमाल किया होगा।
एक लाख का इनामी डकैत विक्की मुठभेड़ में ढेर
एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने मंगलवार तड़के अंबेडकरनगर के बेवाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी छैमार गैंग के कुख्यात डकैत आसिम अली उर्फ विक्की उर्फ नक्शे हसन उर्फ पेंदा को मार गिराया। मुठभेड़ में गोली लगने से एसटीएफ का एक आरक्षी भी घायल हो गया।
एसटीएफ गौतमबुद्धनगर की टीम को छैमार गैंग के अंबेडकरनगर के टांडा क्षेत्र में सक्रिय होने की सूचना मिली थी। टीम ने कुशालपुर गांव के चौराहे के पास बाइक सवार दो लोगों को रोकने का प्रयास किया तो वह भागने लगे। पीछा करने पर उन्होंने फायरिंग कर दी जिसमें एक गोली इंस्पेक्टर सचिन मिश्रा (Inspector Sachin Mishra) की बुलेट प्रूफ जैकेट में जा धंसी, जबकि दूसरी गोली आरक्षी ओमनाथ चौहान के हाथ में लगते हुए निकल गई।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक हमलावर विक्की घायल हो गया, जबकि दूसरा भाग निकला। घायल को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस को मौके से 32 बोर की पिस्तौल, चार कारतूस 32 बोर, तीन खोखा, 12 बोर की पौनिया देसी तमंचा, 12 कारतूस, दो खोखा, एक बैग व बाइक बरामद हुई।
जौनपुर के ट्रिपल मर्डर समेत कई वारदात में था वांछित
विक्की ने अपने गिरोह के सात बदमाशों के साथ 23 अप्रैल, 2014 को जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में रेनू सिंह के घर में घुसकर डकैती डाली थी। इस दौरान रेनू सिंह की भतीजी स्वाति सिंह, जेठानी सुमन सिंह व जेठ शुभम सिंह की हत्या कर दी थी। इस मामले में विक्की वांछित था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। विक्की के खिलाफ विभिन्न जिलों में 21 मामले दर्ज हैं। वह करीब 12 वर्षों से फरार चल रहा था।
डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
पुलिस मुठभेड़ में ढेर आसिम उर्फ विक्की का शव राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया। यहां देर शाम तीन डॉक्टरों डॉ. हुरेंद्र, डॉ. रवि राजभर और डॉ. दिनेश के पैनल ने पोस्टमार्टम किया और वीडियोग्राफी भी कराई गई। उधर, बेवाना थाने (Bevana Police Station) में एसटीएफ के इंस्पेक्टर सचिन कुमार (STF Inspector Sachin Kumar) की तहरीर पर जानलेवा हमले व आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि बुधवार को आसिम की पत्नी कानपुर से आएंगी और शव की सुपुर्दगी लेंगी।