लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 42 जनपदों वाली दक्षिणांचल व पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में निजीकरण करके आरक्षण को समाप्त किए जाने पर पिछले 6 महीना के बीच उत्तर प्रदेश सरकार व पावर कॉरपोरेशन द्वारा कोई भी ठोस जवाब नहींं मिला। इसके बाद पूरे प्रदेश के दलित व पिछड़े वर्ग के
