लखनऊ। देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवाद’ और ‘धर्मनिरपेक्षता’ को ‘नासूर’ कहना न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि संविधान और देश की जनता का अपमान है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन डॉ. सीपी राय ने कहा कि ये दोनों शब्द 1976 में 42वें संशोधन
