केशव प्रसाद मौर्य ने आजम खान पर कार्रवाई को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजम खान को धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि कथित अपराधों और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। डिप्टी सीएम ने अखिलेश यादव को भी जांच के दायरे में लाने की मांग करते हुए 2027 में यूपी में बीजेपी की जीत का दावा किया।
UP Politics: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आजम खान को मुसलमान होने या विश्वविद्यालय बनाने की सजा नहीं मिल रही है, बल्कि उनके खिलाफ कथित अपराधों और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई हो रही है। इस दौरान केशव मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया और आजम खान के कार्यकाल से जुड़े मामलों की जांच का दायरा बढ़ाने की मांग की।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि आजम खान अखिलेश यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। अगर उनके कार्यकाल के दौरान कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच केवल आजम खान तक ही क्यों सीमित रहे? तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत इंडिया गठबंधन के नेताओं पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्थाओं की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र जनता के जनादेश से चलता है, न कि राजनीतिक प्रदर्शनों और दबाव से। डिप्टी सीएम ने दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कार्यक्रमों से राजधानी के व्यापार और सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ता है।
केशव मौर्य ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी फिर से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि जनता विकास और सुशासन के साथ है। साथ ही उन्होंने 2029 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में लगातार चौथी बार बीजेपी सरकार बनने का भरोसा जताया।
केशव प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में आजम खान और अखिलेश यादव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।