1. हिन्दी समाचार
  2. पर्दाफाश
  3. Big Relief: भारत सरकार ने कपड़ा व्यापारियों को दी बड़ी राहत, कपास पर आयात शुल्क छूट को तीन महीनों के लिए बढ़ाया

Big Relief: भारत सरकार ने कपड़ा व्यापारियों को दी बड़ी राहत, कपास पर आयात शुल्क छूट को तीन महीनों के लिए बढ़ाया

Government Extends Import duty exemption on cotton: भारत सरकार ने गुरुवार (28 अगस्त, 2025) को अमेरिका में 50 प्रतिशत की भारी टैरिफ दर का सामना कर रहे कपड़ा निर्यातकों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने इन व्यापारियों के लिए कपास के शुल्क-मुक्त आयात को तीन महीने और बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दिया। इससे पहले, 18 अगस्त को, वित्त मंत्रालय ने 19 अगस्त से 30 सितंबर तक कपास के आयात पर शुल्क छूट की अनुमति दी थी।

By Abhimanyu 
Updated Date

Government Extends Import duty exemption on cotton: भारत सरकार ने गुरुवार (28 अगस्त, 2025) को अमेरिका में 50 प्रतिशत की भारी टैरिफ दर का सामना कर रहे कपड़ा निर्यातकों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने इन व्यापारियों के लिए कपास के शुल्क-मुक्त आयात को तीन महीने और बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दिया। इससे पहले, 18 अगस्त को, वित्त मंत्रालय ने 19 अगस्त से 30 सितंबर तक कपास के आयात पर शुल्क छूट की अनुमति दी थी।

पढ़ें :- लखनऊ-कानपुर का सफर हुआ आसान: 35-45 मिनट में पूरा होगा सफर, CM योगी बोले-यह सब आज नए उत्तर प्रदेश की है पहचान

केंद्रीय वित्तीय मंत्रालय ने गुरुवार (28 अगस्त, 2025) को एक बयान में मंकहा, “निर्यातकों को और अधिक समर्थन देने के लिए, केंद्र सरकार ने कपास (एचएस 5201) पर आयात शुल्क छूट को 30 सितंबर, 2025 से 31 दिसंबर, 2025 तक बढ़ाने का फैसला किया है।” इसमें 5 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) और 5 प्रतिशत कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर (एआईडीसी) से छूट, साथ ही दोनों पर 10 प्रतिशत सामाजिक कल्याण अधिभार शामिल है, जिसके कारण कपास पर कुल मिलाकर 11 प्रतिशत आयात शुल्क हो गया।

इस कदम से कपड़ा मूल्य श्रृंखला में इनपुट लागत कम होने की उम्मीद है, जिसमें धागा, कपड़ा, परिधान और मेड-अप्स शामिल हैं, तथा इससे निर्माताओं और उपभोक्ताओं दोनों को बहुत आवश्यक राहत मिलेगी। 27 अगस्त से प्रभावी, अमेरिका ने कपड़ा, रत्न एवं आभूषण तथा चमड़ा सहित भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया है। शुल्क छूट से घरेलू बाजार में कच्चे कपास की उपलब्धता बढ़ेगी, कपास की कीमतें स्थिर होंगी और इस प्रकार तैयार वस्त्र उत्पादों पर मुद्रास्फीति का दबाव कम होगा।

सरकार के अनुसार, इससे उत्पादन लागत कम करके और वस्त्र क्षेत्र में लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को संरक्षण देकर भारतीय वस्त्र उत्पादों की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिलेगा।

पढ़ें :- ईरान युद्ध में अब रूस की एंट्री, 'प्रलय विमान' पहुंते ही क्या अब बदल जाएगी जंग की दिशा, अमेरिका के लिए कितना बड़ा संदेश?

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...