चीन ने विदेशी पर्वतारोहियों के लिए माउंट एवरेस्ट का उत्तरी हिस्सा और तिब्बत की अन्य 8,000 मीटर से ऊंची चोटियों के रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए हैं। यह सख्त कदम तिब्बत के शिगात्से क्षेत्र में एक आउटडोर ब्रांड और एक चीनी कलाकार द्वारा पहाड़ों पर की गई विवादास्पद आतिशबाजी और परमिट जारी करने में हुए भारी भ्रष्टाचार की जांच के बाद उठाया गया है।
बीजिंग। चीन ने विदेशी पर्वतारोहियों के लिए माउंट एवरेस्ट का उत्तरी हिस्सा और तिब्बत की अन्य 8,000 मीटर से ऊंची चोटियों के रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए हैं। यह सख्त कदम तिब्बत के शिगात्से क्षेत्र में एक आउटडोर ब्रांड और एक चीनी कलाकार द्वारा पहाड़ों पर की गई विवादास्पद आतिशबाजी और परमिट जारी करने में हुए भारी भ्रष्टाचार की जांच के बाद उठाया गया है।
प्रतिबंध के मुख्य कारण
आपको बता दें कि सितंबर 2025 में तिब्बत के पठार पर एक ड्रैगन के आकार का आतिशबाजी शो आयोजित किया गया था। इससे पहाड़ों पर प्लास्टिक का कचरा फैला, पर्यावरण को नुकसान पहुंचा और तेज आवाज व रोशनी से जंगली जानवरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा चाइना-तिब्बत माउंटेनियरिंग एसोसिएशन और तिब्बत स्पोर्ट्स ब्यूरो के कई उच्च अधिकारियों को विदेशी पर्वतारोहियों को गैर कानूनी रूप से आदेश देने और वित्तीय भ्रष्टाचार के मामले में जेल भेज दिया गया है।
पर्वतारोहियों पर इसका प्रभाव
विदेशी पर्वतारोहियों के लिए माउंट एवरेस्ट के नॉर्थ साइड के साथ-साथ शिशापांगमा और चो ओयू चोटियों को बंद कर दिया गया है। इससे दुनिया की सभी 14 सबसे ऊंची चोटियों यानी 8,000 मीटर से ऊपर की ऊंचाई को फतह करने का रिकॉर्ड बनाने की दौड़ में शामिल वैश्विक पर्वतारोहियों को बड़ा झटका लगा है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि ये चोटियां तिब्बत के रास्ते ही पार की जा सकती हैं। हालांकि विदेशियों के लिए रास्ते बंद हैं, लेकिन स्थानीय चीनी कंपनियों को अपने घरेलू पर्वतारोहियों के लिए इन पहाड़ों पर ट्रैकिंग आयोजित करने की पूरी अनुमति दी गई है।