शनिवार तड़के करीब 4:30 बजे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया। प्रशासन के मुताबिक इस दौरान पथराव हुआ जिसमें पुलिस अधीक्षक (एसपी) भांडेर एसडीओपी समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े...
दतिया: विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद जिले में विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने पूरे दतिया में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत बिना अनुमति किसी भी तरह की सभा, जुलूस, प्रदर्शन, पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने पर रोक लगा दी गई है।
12 घंटे तक हाईवे जाम 20 किलोमीटर लंबी लगी वाहनों की कतार
टिकट बदलने के विरोध में शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे शुरू हुआ चक्काजाम शनिवार सुबह करीब 5 बजे जाकर खत्म हुआ। करीब 12 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण ग्वालियर-झांसी हाईवे पर 15 से 20 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ाते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प कई पुलिसकर्मी घायल
शनिवार तड़के करीब 4:30 बजे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया। प्रशासन के मुताबिक इस दौरान पथराव हुआ जिसमें पुलिस अधीक्षक (एसपी) भांडेर एसडीओपी समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद प्रदर्शनकारी पास स्थित भाजपा कार्यालय की ओर चले गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज नहीं किया गया।
नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से की शांति बनाए रखने की अपील
टिकट नहीं मिलने के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी तरह के उग्र विरोध या कानून हाथ में लेने से बचना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पेट्रोल या केरोसिन डालने जैसे अतिवादी कदम नहीं उठाने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को कोई आपत्ति है तो उसे पार्टी के उचित मंच पर रखा जाना चाहिए, सड़क पर नहीं।
प्रशासन अलर्ट, बिना अनुमति किसी भी प्रदर्शन पर रोक
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक धारा 163 लागू रहने तक जिले में बिना सक्षम अनुमति किसी भी प्रकार की जनसभा, रैली, जुलूस या प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भड़काऊ या माहौल बिगाड़ने वाली पोस्ट करने वालों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।