इस वर्ष 6 नवंबर 2026 को धनतेरस (धनत्रयोदशी) के पावन पर्व पर सुख, समृद्धि, वैभव और भौतिक सुखों के कारक शुक्र देव अपनी वक्री अवस्था में तुला राशि से पीछे लौटकर कन्या राशि में गोचर (प्रवेश) कर रहे हैं। शुक्र देव (शुक्राचार्य) सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में नवग्रहों में से एक प्रमुख देवता हैं, जिन्हें दैत्यों (असुरों) का गुरु माना जाता है।
Dhanteras and Venus Transit : इस वर्ष 6 नवंबर 2026 को धनतेरस (धनत्रयोदशी) के पावन पर्व पर सुख, समृद्धि, वैभव और भौतिक सुखों के कारक शुक्र देव अपनी वक्री अवस्था में तुला राशि से पीछे लौटकर कन्या राशि में गोचर (प्रवेश) कर रहे हैं। शुक्र देव (शुक्राचार्य) सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में नवग्रहों में से एक प्रमुख देवता हैं, जिन्हें दैत्यों (असुरों) का गुरु माना जाता है। वे मानव जीवन में भौतिक सुख, धन, समृद्धि, सौंदर्य, प्रेम, कला और वैवाहिक सुख के अधिष्ठाता ग्रह हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कन्या शुक्र की नीच राशि मानी जाती है, लेकिन धनतेरस के दिन हो रहे इस गोचर से कुछ राशियों के लिए नीचभंग राजयोग और विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं जो आर्थिक उन्नति का मार्ग खोलेंगे। शुक्र देव वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं। ये मीन राशि में उच्च के और कन्या राशि में नीच के माने जाते हैं।
शुक्र प्रदोष व्रत
इस दिन शुक्रवार, हस्त नक्षत्र और शाम के समय स्थिर वृषभ लग्न का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही शुक्रवार को त्रयोदशी तिथि होने के कारण शुक्र प्रदोष व्रत का भी महासंयोग है, जिससे भगवान शिव और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा एक साथ मिलेगी।
मूल मंत्र: शुक्र देव की कृपा पाने के लिए इस बीज मंत्र का जाप किया जाता है:”ॐ द्राम द्रीम द्रौम सह शुक्राय नमः”
इन राशियों की बदलेगी किस्मत
1. सिंह राशि (Leo): शुक्र देव आपके दूसरे (धन, वाणी और कुटुंब) भाव में गोचर करेंगे। नीचभंग राजयोग के कारण अटका हुआ धन वापस मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
2. कन्या राशि (Virgo): शुक्र का गोचर इसी राशि में हो रहा है। नौकरीपेशा जातकों को 14 नवंबर के बाद नए और बड़े अवसर मिल सकते हैं। आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी।
3. तुला राशि (Libra): आपकी राशि के स्वामी शुक्र 12वें भाव में गोचर करेंगे। विदेश से जुड़ा काम करने वालों या मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में काम करने वालों के लिए 6 नवंबर से 22 नवंबर तक का समय विशेष लाभदायक रहेगा। साज-सज्जा और आभूषणों पर धन खर्च होगा।