दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) में ईशान किशन (Captain Ishan Kishan) की कप्तानी वाली ईस्ट जोन (East Zone) ने नॉर्थ ईस्ट जोन (North East Zone) को पारी और 210 रनों से हराकर सेमीफाइनल में एंट्री मार ली है। इस बड़ी जीत में टीम के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) का बल्ला भले ही खामोश रहा, लेकिन उन्होंने अपनी फिरकी से 2 अहम विकेट झटककर महफिल लूट ली।
नई दिल्ली। दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) में ईशान किशन (Captain Ishan Kishan) की कप्तानी वाली ईस्ट जोन (East Zone) ने नॉर्थ ईस्ट जोन (North East Zone) को पारी और 210 रनों से हराकर सेमीफाइनल में एंट्री मार ली है। इस बड़ी जीत में टीम के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) का बल्ला भले ही खामोश रहा, लेकिन उन्होंने अपनी फिरकी से 2 अहम विकेट झटककर महफिल लूट ली।
मैच के बाद इस युवा स्टार ने अपनी घातक गेंदबाजी के राज से पर्दा उठाया और बताया कि आखिर किस मास्टर प्लान के तहत उन्होंने विरोधी बल्लेबाजों को अपने जाल में फंसाया। वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को फैन्स विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जानते हैं। ऐसे में इस युवा खिलाड़ी ने गेंद से कमाल का प्रदर्शन कर सभी को हैरान कर दिया। दरअसल, नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ खेले गए मैच में जब ईस्ट जोन के गेंदबाजों को विकेट निकालने में संघर्ष करना पड़ रहा था, तब कप्तान ईशान किशन (Captain Ishan Kishan) ने वैभव को गेंद थमाई। ईशान को लग रहा था कि यह एक रिस्क है, लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर वैभव ने सिर्फ 3 ओवर में 11 रन देकर 2 अहम विकेट चटका दिए और अपने कप्तान को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया।
𝐁𝐨𝐰𝐥 𝐢𝐭 𝐥𝐢𝐤𝐞 𝐕𝐚𝐢𝐛𝐡𝐚𝐯 𝐒𝐨𝐨𝐫𝐲𝐚𝐯𝐚𝐧𝐬𝐡𝐢 🎯
Meet the secret wicket-taker who enjoys bowling and answered his captain’s 'risky' call 🤙 – By @jigsactin#DuleepTrophy pic.twitter.com/ZhZ0QkeyZm
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) August 29, 2026
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‘ईशान भैया को नहीं पता था कि मैं विकेट टेकर हूं’
बीसीसीआई डोमेस्टिक के तरफ से शेयर किए गए एक वीडियो में अपनी इस शानदार गेंदबाजी पर बात करते हुए वैभव ने मजेदार खुलासा किया। उन्होंने कहा कि अगर आप किसी भी बल्लेबाज से पूछें तो उसे गेंदबाजी करने में मजा आता है। विरोधी टीम के विकेट नहीं गिर रहे थे, इसलिए मुझे 2-3 ओवर फेंकने को कहा गया। ईशान भैया को लगा कि मुझे गेंद थमाना एक रिस्क है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि मैं एक विकेट टेकर गेंदबाज हूं।
बल्ले से फ्लॉप तो गेंद से रहे सुपरहिट
वैभव ने आगे कहा कि मुझे पता था कि अगर मैं 5 विकेट भी ले लूं, तब भी मुझे सिर्फ 3 ओवर ही गेंदबाजी करने को मिलेगी। इसलिए मैंने बस अपनी लाइन और लेंथ पर फोकस किया। पिछले मैच में मैं बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाया था, इसलिए टीम के लिए गेंदबाजी में योगदान देकर मुझे बहुत मजा आया। मैच की बात करें तो वैभव बल्ले से फ्लॉप रहे थे और सिर्फ 6 गेंदों में 8 रन ही बना सके थे। लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने कसर पूरी कर दी।
रविवार को फिर जलवा बिखेरेंगे वैभव
दूसरी पारी में उनके दोहरे झटके ने नॉर्थ ईस्ट जोन का स्कोर 75/5 से 79/7 कर दिया। सबसे पहले उन्होंने किशन लिंगदोह को फंसाया और फिर इमलीवती लेमतुर को विकेटकीपर के हाथों कैच आउट कराया। इस मुकाबले में ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में 467 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में नॉर्थ ईस्ट जोन की टीम सिर्फ 111 रनों पर ढेर हो गई और उन्हें फॉलोऑन खेलना पड़ा। अंत में ईस्ट जोन ने यह मुकाबला एक पारी और 210 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया। अब वैभव सूर्यवंशी का अगला जलवा रविवार को बेंगलुरु में सेंट्रल जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में देखने को मिलेगा।