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चुनाव आयोग पूरी तरह से बेनकाब और बदनाम हो गया, हमारे देश का लोकतंत्र घातक हमले से बच गया: जयराम रमेश

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार SIR मुद्दे पर दिए गए आज के फैसले का स्वागत करती है और इसकी सराहना करती है। हमारे देश का लोकतंत्र भारत के चुनाव आयोग (ECI) के घातक हमले से बच गया है। 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए चुनाव आयोग के उस निर्णय को रद्द कर दिया था, जिसमें उसने हटाए गए मतदाताओं की सूची साझा करने से इनकार किया था।

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। एसआईआर के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर हुए हैं वे ऑनलाइन तरीके से आवेदन कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का कांग्रेस ने स्वागत किया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, आज, चुनाव आयोग पूरी तरह से बेनकाब और बदनाम हो गया है। इसके G2 कठपुतली संचालक निर्णायक रूप से पराजित हो गए हैं।

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जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार SIR मुद्दे पर दिए गए आज के फैसले का स्वागत करती है और इसकी सराहना करती है। हमारे देश का लोकतंत्र भारत के चुनाव आयोग (ECI) के घातक हमले से बच गया है। 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए चुनाव आयोग के उस निर्णय को रद्द कर दिया था, जिसमें उसने हटाए गए मतदाताओं की सूची साझा करने से इनकार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने ECI को निर्देश दिया था कि हटाए गए मतदाताओं की सूची कारणों सहित प्रकाशित की जाए।

उन्होंने आगे लिखा, 14 अगस्त को ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनके लिए आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किया जाए। आज अदालत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि आधार एक मान्य पहचान पत्र है, जिसे चुनाव आयोग को अनिवार्य रूप से स्वीकार करना होगा।

आज सुप्रीम कोर्ट ने संशोधन प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने के लिए सुरक्षा उपाय तय किए हैं, जिनमें राजनीतिक दलों की भागीदारी को भी शामिल किया गया है। अब तक चुनाव आयोग का रवैया बाधा उत्पन्न करने वाला है और मतदाताओं के हितों के विपरीत रहा है। हम इस फैसले का स्वागत करते हैं, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि यह हमें एक ऐसा अधिकार प्रदान करता है, जिसे चुनाव आयोग अनदेखा नहीं कर सकता। आज, चुनाव आयोग पूरी तरह से बेनकाब और बदनाम हो गया है। इसके G2 कठपुतली संचालक निर्णायक रूप से पराजित हो गए हैं।

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