कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ग्रेट निकोबार परियोजना (Great Nicobar Project) को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार (Modi Government) पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रक्षा के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है।
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ग्रेट निकोबार परियोजना (Great Nicobar Project) को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार (Modi Government) पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रक्षा के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है।श्री गांधी ने कहा कि आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है। परियोजना का असली मकसद होटल, कैसीनो और रियल एस्टेट विकास को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार (Modi Government) का यह तर्क है कि ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना (Great Nicobar Project) रक्षा और माल ढुलाई बंदरगाह से संबंधित है। यह एक झूठ है। इसके साथ ही आरोप लगाया कि यह असल में भारत की सबसे अमूल्य पारिस्थितिक भूमि पर एक व्यवसायी को होटल और कैसीनो बनाने में मदद करने के बारे में है।
ग्रेट निकोबार परियोजना
भारत का सबसे बड़ा घोटाला– नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi pic.twitter.com/hpJuNWf4uX
— Congress (@INCIndia) June 5, 2026
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राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अप्रैल के अंत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (Andaman and Nicobar Islands) की अपनी यात्रा पर आधारित 16 मिनट से अधिक का एक वीडियो जारी किया। एक्स पर वीडियो के साथ अपनी पोस्ट में गांधी ने कहा,कि मैंने भारत के सबसे दक्षिणी छोर का दौरा किया। मैं इंदिरा प्वाइंट (Indira Point) पर खड़ा हुआ। मैं सदियों पुराने पेड़ों के नीचे चला। मैंने पृथ्वी पर सबसे जीवंत प्रवाल भित्तियों में गोता लगाया। मैं वहां रहने वाले लोगों के साथ बैठा। आदिवासी समुदाय, जिनकी जमीन वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करके छीनी जा रही है। भारतीय सरकार द्वारा इन द्वीपों पर बसाए गए कई पूर्व सैनिक, जिन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है।’
‘आईएनएस बाज का विस्तार कीजिए, हम साथ हैं’
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि ‘मोदी सरकार (Modi Government) और भाजपा आपको बताते हैं कि ग्रेट निकोबार परियोजना (Great Nicobar Project) रक्षा से संबंधित है। ऐसा नहीं है। उन्होंने आगे कहा आईएनएस बाज का विस्तार कीजिए। हम सरकार का पूरा समर्थन करेंगे। नौसेना पिछले पांच वर्षों से विस्तार की मांग कर रही है, जिसे नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को बता रही है कि यह परियोजना एक माल परिवहन बंदरगाह के बारे में है। जबकि ऐसा नहीं है।
उन्होंने बताया कि भारत पहले से ही केरल में एक ऐसा संयंत्र बना रहा है, जो मुख्य भूमि पर स्थित है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘वास्तव में हुआ यह है: 1.5 करोड़ पेड़ काटे गए। सरकारी नक्शों से प्रवाल भित्तियों को मिटा दिया गया। सैनिकों और आदिवासियों को विस्थापित किया गया। क्योंकि एक व्यवसायी भारत की सबसे अमूल्य पारिस्थितिक भूमि पर होटल और कैसीनो बना सके।’ उन्होंने कहा कि मैंने जिन भी युवा भारतीयों से बात की है। वह सभी इस बात को समझते हैं। आप जानते हैं कि किसी भी तरह का मुनाफा उस चीज को नष्ट करने के लायक नहीं है जिसे कभी वापस नहीं पाया जा सकता।
I visited the southernmost tip of India.
I stood at Indira Point. I walked under trees that have stood for centuries. I dove into coral reefs among the most vibrant on earth.
And I sat with the people who live there. Tribal communities, whose land is being taken away by… pic.twitter.com/RLNtT6L0U4
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 5, 2026
‘हजारों पेड़ों को काट कर बाहर भेजते हैं’
गांधी ने कहा कि वह पारिस्थितिक रूप से संतुलित विकास के पक्षधर हैं। उन्होंने दावा किया कि ये द्वीप दुनिया के सबसे असाधारण टिकाऊ पर्यटन स्थल बन सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यही वह भारत है जिसके लिए लड़ना सार्थक है। यह वह है जो मोदी नहीं चाहते कि आप देखें। योजना क्या है? राहुल गांधी ने वीडियो में कहते हैं’ योजना यह है कि आप इन हजारों पेड़ों को काटते हैं। उन्हें अवैध रूप से बाहर भेजते हैं। अरबों-खरबों डॉलर कमाते हैं। उस पैसे का इस्तेमाल आप अपने होटल, कैसीनो और रियल एस्टेट बनाने में करते हैं। यही हो रहा है।’
लोगों से जमीन छीन रहे हैं
उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र की बात हो रही है, वह नई दिल्ली के आकार से लगभग चार गुना बड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस परियोजना का निर्माण देश के सबसे स्वच्छ पारिस्थितिक वातावरण में कर रही है। गांधी का आरोप है, ‘वह उन लोगों से जमीन छीन रहे हैं, जिन्हें वहां बसाया गया था। वह आदिवासियों से भी जमीन छीन रहे हैं।’ गांधी कहते हैं, ‘आईएनएस बाज भी तट पर है। असल बात यह है कि वह गौतम अडानी की मदद करना चाहते हैं और यह अपराधी भारतीय जमीन हड़पने के लिए नौसेना और सेना की आड़ ले रहे हैं। वह कह रहे हैं कि वह एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनाना चाहते हैं, लेकिन यह संभव नहीं है क्योंकि वह पहले से ही केरल में एक बंदरगाह बना रहे हैं, जो मुख्य भूमि पर है, इसलिए यह पहला झूठ है।’
होटल और गेस्ट हाउस का रक्षा में क्या भूमिका?
आगे वह वीडियो में कहते हैं कि दूसरा मुद्दा। कृपया मुझे समझाएं कि होटल और गेस्ट हाउस हमारे देश की रक्षा में कैसे भूमिका निभाते हैं। इनका आपस में क्या संबंध है। वह एक और झूठ बोल रहे हैं कि इस जंगल में प्रति हेक्टेयर 145 पेड़ हैं। इस जंगल में कुछ मीटर के दायरे में 145 पेड़ हैं।
1.5 करोड़ पेड़ चुराना चाहते हैं
गांधी का आरोप है’समस्या यह है कि आप 1.5 करोड़ पेड़ चुराना चाहते हैं, जिनमें से प्रत्येक की कीमत 3 लाख रुपये है, और उससे अपनी छोटी-मोटी अचल संपत्ति को वित्त पोषित करना चाहते हैं। गांधी कहते हैं ‘इसलिए मुझे भारत की रक्षा के बारे में यह बकवास मत सुनाइए। भाजपा का हर वह व्यक्ति जो इसे फैला रहा है, वह अडानी, उनके हितों और प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) के साथ उनके संबंधों की रक्षा करने की कोशिश कर रहा है।’ उनका कहना है कि आईएनएस बाज को विस्तार का पूरा अधिकार दिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के वीडियो को टैग करते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना एक ‘पारिस्थितिक आपदा’ है। रमेश ने एक्स पर कहा कि ‘इसके लिए अब मनगढ़ंत रणनीतिक कारण बताए जा रहे हैं जबकि अन्य विकल्प मौजूद हैं। परियोजना के लिए पर्यावरण और वन संबंधी स्वीकृतियां फर्जी आधार पर दी गई हैं।
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दुनिया का सबसे खूबसूरत तटीय पर्यटन केंद्र बनने की क्षमता है – बशर्ते हम पारिस्थितिक संतुलन और टिकाऊ विकास को प्राथमिकता दें। मैं चाहता हूँ कि ज़्यादा से ज़्यादा भारतीय इन शानदार द्वीपों पर जाएँ और भारत के पास मौजूद अद्भुत खज़ानों को अपनी आँखों से देखें।