बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की थी। इसके बाद से विभागों के बंटवारे की अटकलें लगाई जा रही थी लेकिन इसके बाद भी अभी तक विभागों का बंटवारा नहीं हो पाया है। सूत्रों की माने तो कई अहम विभाग हैं, जिसके विभाग के बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इसके कारण मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अभी तक विभागों का बंटवारा नहीं हो पाया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक हफ्ते पहले योगी मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ था। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अभी तक विभागों का बंटवारा नहीं हो पाया है, जिसको लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि, शपथ लेने वाले नए मंत्रियों को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद विभागों का बंटवार किया जाएगा। विभाग बंटवारे पर केंद्रीय नेतृत्व और राज्य नेतृत्व के बीच सहमति नहीं बनने के बाद ये निर्णय लिया गया है।
हालांकि, बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की थी। इसके बाद से विभागों के बंटवारे की अटकलें लगाई जा रही थी लेकिन इसके बाद भी अभी तक विभागों का बंटवारा नहीं हो पाया है। सूत्रों की माने तो कई अहम विभाग हैं, जिसके विभाग के बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इसके कारण मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अभी तक विभागों का बंटवारा नहीं हो पाया है।
सूत्रों की माने तो, लोक निर्माण विभाग (PWD) जैसे बेहद प्रभावशाली और बड़े बजट वाले विभाग को हाल ही में शामिल किए गए किसी नए कद्दावर मंत्री को सौंपने की चर्चा है। नए मंत्रियों को समायोजित करने के लिए पुराने मंत्रियों के विभागों में बड़े पैमाने पर कटौती या फेरबदल होना तय माना जा रहा है, जिस पर गहन मंथन चल रहा है।
वहीं, एक हफ्ते बाद भी विभागा का बंटवारा नहीं होने पर विपक्षी दलों के नेताओं की तरफ से तंज कसा जा रहा है। अखिलेश यादव ने इसको लेकर कहा था कि, उप्र में मंत्रियों के नाम के बाद, अब क्या उनके विभागों की ‘पर्ची’ भी ऊपर से आएगी? मंत्रालयों के बंटवारे की देरी की असली वजह सिर्फ़ ये है कि मंत्रालय-विभाग की ‘कमीशन-कमाई’ के बंटवारे के डबल इंजन आपस में टकरा रहे हैं। दीर्घ प्रतीक्षा के बाद जो नये मंत्री बने हैं वो बेचारे तो बस दर्शक दीर्घा में बैठकर, गेंद को इधर-उधर आते-जाते देख रहे हैं। भाजपाई डबल इंजन बाक़ी सब मंत्रियों को ‘डब्बा’ कर देता है।