पूर्व भारतीय क्रिकेटर एस श्रीसंत (Former Indian cricketer S Sreesanth) के पिता वी. संथाकुमारन नायर (Father V. Santhakumaran Nair) का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने शुक्रवार रात कोच्चि के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। नायर का लिसी अस्पताल में इलाज चल रहा था। शुक्रवार रात करीब 9:45 बजे उनका निधन हुआ।
नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर एस श्रीसंत (Former Indian cricketer S Sreesanth) के पिता वी. संथाकुमारन नायर (Father V. Santhakumaran Nair) का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने शुक्रवार रात कोच्चि के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। नायर का लिसी अस्पताल में इलाज चल रहा था। शुक्रवार रात करीब 9:45 बजे उनका निधन हुआ।
रविवार को पैतृक घर ले जाया जाएगा पार्थिव शरीर
परिवार के मुताबिक, वी. संथाकुमारन नायर (V. Santhakumaran Nair) का पार्थिव शरीर फिलहाल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। विदेश से रिश्तेदारों के आने के बाद रविवार को इसे कोठामंगलम स्थित परिवार के घर ले जाया जाएगा। रविवार सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए परिवार के घर पर रखा जाएगा। इसके बाद शाम चार बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा।
LIC में जोनल मैनेजर रह चुके थे नायर
वी. संथाकुमारन नायर (V. Santhakumaran Nair) भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में जोनल मैनेजर के पद पर काम कर चुके थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह परिवार के साथ रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी टी. एन. सावित्रीदेवी और बच्चे दीपु, निवेदिता, दिव्या और श्रीसंत हैं।
क्रिकेट जगत में श्रीसंत की रही खास पहचान
एस श्रीसंत भारतीय क्रिकेट टीम (Former Indian cricketer S Sreesanth) के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं। तेज गेंदबाज के तौर पर उन्होंने टीम इंडिया (Team India) का प्रतिनिधित्व किया और टेस्ट, वनडे तथा टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में हिस्सा लिया। श्रीसंत भारतीय टीम के साथ 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा भी रहे थे।
एस श्रीसंत (S Sreesanth) ने भारत के लिए तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में खेला। उन्होंने 27 टेस्ट मैचों में 87 विकेट, 53 वनडे में 75 विकेट और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में सात विकेट लिए। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 74 मैचों में 213 विकेट दर्ज हैं, जबकि लिस्ट-ए में 124 और टी20 क्रिकेट में 54 विकेट लेकर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ी।