भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन वी नारायणन ने बताया कि इस मिशन को पूरी तरह सुरक्षित और सफल बनाने के लिए हर कदम बेहद सावधानी से उठाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरिक्ष में भारतीय अंतरिक्ष...
ISRO News: भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन वी नारायणन ने बताया कि इस मिशन को पूरी तरह सुरक्षित और सफल बनाने के लिए हर कदम बेहद सावधानी से उठाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरिक्ष में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने से पहले तीन ‘अनक्रूड’ यानी बिना चालक दल वाले मिशनों को अंजाम दिया जाएगा, ताकि सभी तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं का परीक्षण हो सके।
बंगलूरू में आयोजित ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन स्पेसक्राफ्ट मिशन ऑपरेशंस’ के उद्घाटन के दौरान वी नारायणन ने कहा कि यह मिशन केवल तकनीकी उपलब्धि ही नहीं, बल्कि देश के लिए गर्व का विषय भी है। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी के विजन के तहत गगनयान कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि भारत को मानव अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाए।
इसरो प्रमुख ने यह भी जानकारी दी कि फिलहाल पहले मानवरहित मिशन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और अब तक सभी गतिविधियां तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रही हैं। इन परीक्षण मिशनों के जरिए रॉकेट, क्रू मॉड्यूल, लाइफ सपोर्ट सिस्टम और सुरक्षा उपायों की बारीकी से जांच की जाएगी।
गौरतलब है कि गगनयान मिशन के सफल होने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने अपने दम पर इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने की क्षमता हासिल की है। यह मिशन न सिर्फ विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत की ताकत को दिखाएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।