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12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अपनी भूमि उपलब्ध कराई: CM योगी

उन्होंने बताया कि 12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने इस परियोजना के लिए अपनी भूमि उपलब्ध कराई, जिससे इसका समय पर निर्माण संभव हो सका। मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं उन सभी अन्नदाता किसानों का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सहयोग से यह परियोजना साकार हो सकी।”...

By Harsh Gautam 
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हरदोई:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरदोई के मल्लावां में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा का समय 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इससे आवागमन तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक होगा। प्रधानमंत्री के हरदोई पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया और स्मृति चिह्न भेंट किया। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि हरदोई से गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ राज्य की विकास यात्रा को नई गति मिलेगी।

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एक लाख से ज्यादा किसानों ने दी जमीन

उद्घाटन समारोह से पहले आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसानों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने बताया कि 12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने इस परियोजना के लिए अपनी भूमि उपलब्ध कराई, जिससे इसका समय पर निर्माण संभव हो सका। मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं उन सभी अन्नदाता किसानों का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सहयोग से यह परियोजना साकार हो सकी।”

दिसंबर 2021 में रखी गई थी आधारशिला

सीएम ने बताया कि इस परियोजना की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी और इसे तय समयसीमा के भीतर पूरा किया गया। उन्होंने इसे राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे केवल परिवहन को आसान नहीं बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा।

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा एक्सप्रेसवे

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई, जबकि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स केंद्र विकसित करने के लिए करीब 7,000 एकड़ भूमि अलग से चिह्नित की गई है। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा और सड़क संपर्क, कृषि विपणन तथा क्षेत्रीय विकास को मजबूती देगा, जिससे ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को नई रफ्तार मिलेगी। इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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