भारत में क्रोम उपयोगकर्ता अब ब्राउज़र में ही Google के AI-संचालित जेमिनी असिस्टेंट का उपयोग कर सकते हैं। सर्च इंजन Google ने बुधवार, 11 मार्च को घोषणा की कि वह भारत में क्रोम में जेमिनी को रोल आउट कर रहा है।
यह वेबपेजों का सारांश बनाने, विभिन्न टैबों में जानकारी की तुलना करने और पेज छोड़े बिना कार्यों को पूरा करने में मदद करता है। ब्राउजर में एजेंटिक फीचर्स मिल रहे हैं। Perplexity Comet हो या या OpenAI का ATLAS ब्राउजर, ये सभी एजेंटिक AI देते हैं। यानी ब्राउजर खुद ही आपका काम कर देता है।
यह AI ब्राउज़र असिस्टेंट Google के Gemini 3.1 LLM (Large Language Model) द्वारा संचालित है और फिलहाल केवल Mac, Windows और Chromebook Plus उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ Chrome के iOS संस्करण के लिए उपलब्ध है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फीचर अभी धीरे-धीरे रोलआउट किया जा रहा है. सबसे पहले इसे डेस्कटॉप यूज़र्स के लिए लाया गया है। यानी Windows और Mac पर Chrome इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स को यह फीचर मिलने लगा है। आने वाले समय में इसे और ज्यादा यूज़र्स तक पहुंचाया जा सकता है।