देश में त्योहारी सीजन दस्तक दे चुका है। इस सीजन में सोने की मांग बढ़ जाती है। लेकिन दीवाली-दशहरे (Diwali-Dussehra) से ठीक पहले सोने ने बैक गियर लगा दिया है। सोने का रेट इस हफ्ते खूब गिरा है। 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹3,500 तक सस्ता हो गया है, जबकि जेवराती 22 कैरेट सोने में ₹3,200 की बड़ी गिरावट आई है।
नई दिल्ली। देश में त्योहारी सीजन दस्तक दे चुका है। इस सीजन में सोने की मांग बढ़ जाती है। लेकिन दीवाली-दशहरे (Diwali-Dussehra) से ठीक पहले सोने ने बैक गियर लगा दिया है। सोने का रेट इस हफ्ते खूब गिरा है। 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹3,500 तक सस्ता हो गया है, जबकि जेवराती 22 कैरेट सोने में ₹3,200 की बड़ी गिरावट आई है। फेस्टिव सीजन (Festive Season) में खरीदारी की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं के लिए गोल्ड के दाम गिरना किसी तोहफे से कम नहीं है। सोने की तरह ही चांदी के तेवर भी इस हफ्ते ढीले रहे हैं।1 अक्टूबर को औद्योगिक मांग में आई नरमी के चलते एक किलो चांदी के दाम में सीधे ₹5,000 की जोरदार गिरावट आई।
त्योहारी मांग के बावजूद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं पर भारी दबाव बना हुआ है। इस सुस्ती के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी यूएस फेडरल रिजर्व (US Fed) की आगामी मौद्रिक नीति बैठक है। बुलियन मार्केट (Bullion Market) की निगाहें 28 अक्टूबर को होने वाली फेड मीटिंग पर टिकी हैं। फाइनेंशियल मार्केट में ब्याज दरों को लेकर बन रही अनिश्चितता ने बड़े संस्थागत निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे सोने में मुनाफावसूली हावी हुई है।
आज का सोने का भाव
आज दिल्ली, लखनऊ और जयपुर में 24 कैरेट सोना ₹1,49,330 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना ₹1,36,900 और 18 कैरेट सोना ₹1,12,040 बिक रहा है। मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में 24 कैरेट का भाव ₹1,49,180, 22 कैरेट का ₹1,36,750 और 18 कैरेट सोने का दाम ₹1,11,890 प्रति 10 ग्राम चल रहा है। पटना और अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने का रेट ₹1,49,230, 22 कैरेट का ₹1,36,800 तथा 18 कैरेट प्रति 10 ग्राम का भाव ₹1,11,940 है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व और ब्याज दरों का पूरा गणित
कुछ दिनों पहले तक कयास लगाए जा रहे थे कि फेड चेयरमैन केविन वॉर्श 28 अक्टूबर को लगातार दूसरी बार नीतिगत ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। हफ्ते की शुरुआत में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना करीब 70% तक आंकी जा रही थी। हालांकि, अमेरिका में हालिया महंगाई के आंकड़े अनुमान से कम रहने के बाद अब यह संभावना घटकर महज 22% रह गई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर स्थिर रखने का फैसला करता है, तो सोने की कीमतों पर बना दबाव कम हो सकता है।