केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले से कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत (Dearness Relief) में बढ़ोतरी होने की काफी उम्मीद है।
नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले से कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत (Dearness Relief) में बढ़ोतरी होने की काफी उम्मीद है।
60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो सकता है महंगाई भत्ता
रिपोर्ट्स के अनुसार, महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी होने पर केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता मौजूदा 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। बता दें कि यह संशोधन जुलाई 2026 से लागू होने की उम्मीद है। हालांकि, इसकी प्रभावी तारीख और भुगतान से जुड़ी शर्तों की पुष्टि आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।
सैलरी पर कितना पड़ेगा असर?
आपको बता दें कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर तय होता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी से उसे हर महीने 540 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं। वहीं, 29,200 रुपये की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को हर महीने 876 रुपये का अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिल सकता है।
पेंशनर्स को भी मिल सकता है फायदा
केंद्र सरकार के पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता बढ़ोतरी के साथ महंगाई राहत यानी महंगाई राहत में भी बढ़ोतरी का प्रावधान हो सकता है। यदि यह संशोधन 1 जुलाई 2026 से लागू होता है, तो पात्र कर्मचारियों और पेंशनर्स को नियमानुसार बकाया राशि भी मिल सकता है। महंगाई भत्ते में इस संशोधन का उद्देश्य बढ़ती कीमतों के असर को कम करने में कर्मचारियों और पेंशनर्स की मदद करना है। इस फैसले से जुड़ी अंतिम दर, लागू होने की तारीख और बकाया राशि के भुगतान की जानकारी के लिए सरकार की आधिकारिक अधिसूचना देखना जरूरी है।