आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh, Aam Aadmi Party's Uttar Pradesh in-charge and Rajya Sabha MP) ने चुनाव आयोग (Election Commission) की कार्यप्रणाली, फॉर्म-6 में किए गए गैर-कानूनी बदलावों और देश की कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
लखनऊ: आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh, Aam Aadmi Party’s Uttar Pradesh in-charge and Rajya Sabha MP) ने चुनाव आयोग (Election Commission) की कार्यप्रणाली, फॉर्म-6 में किए गए गैर-कानूनी बदलावों और देश की कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को सोशल मीडिया के माध्यम से बयान जारी करते हुए सांसद संजय सिंह ने कहा कि देश में लोकतंत्र पूरी तरह खतरे में है। चुनाव आयोग के अंदर दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार असहमति दर्ज कराते हुए फॉर्म-6 में बदलाव और वोटों के जोड़ने-घटाने की केंद्रीकृत व्यवस्था को गैर-कानूनी बताया, लेकिन इसके बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar) तानाशाही रवैया अपनाते हुए एकतरफा फैसले ले रहे हैं।
दो चुनाव आयुक्तों के विरोध के बावजूद एकतरफा फैसले ले रहे ज्ञानेश कुमार
सांसद संजय सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा वोटों को डिलीट करने और जोड़ने का जो नया केंद्रीकृत फॉर्मूला लागू किया गया है, उस पर खुद दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार लिखित विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने साफ कहा था कि आपका यह तरीका गलत है और राज्यों के स्थानीय अधिकारियों (एसडीएम आदि) से अधिकार छीनकर मनमाने ढंग से नाम काटना पूरी तरह असंवैधानिक है। संजय सिंह ने कहा कि जब आयोग के अंदर ही दो आयुक्त इसे गलत बता रहे हैं, तो ज्ञानेश कुमार किसके इशारे पर यह मनमानी कर रहे हैं? आज किसी भी विधानसभा में 50,000 वोट काट दिए जाते हैं और भाजपा 5,000 वोटों से जीतकर अपनी जीत का ढोल पीटने लगती है। यह कोई चुनाव नहीं, बल्कि मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार की मिलीभगत से की जा रही वोटों की खुली लूट है।
आडवाणी से लेकर पूर्व सेना प्रमुख तक के नाम काटे गए, यह पुनरीक्षण नहीं खुली लूट है
संजय सिंह ने कहा कि यह नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता नहीं, बल्कि उनकी ‘लूटप्रियता’ है जिसके दम पर चुनाव जीते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 के नियमों को जानबूझकर इतना जटिल बनाया गया है ताकि आम नागरिक इसे पूरा ही न कर सके। बंगाल में 60 लाख नाम काट दिए गए, 27 लाख नाम पेंडिंग रखे गए और बाद में हलफनामा देकर माना कि 93 फीसदी नाम बिल्कुल सही थे। उन्होंने सवाल किया कि जिन लाखों वैध नागरिकों को मताधिकार से वंचित किया गया, उस अपराध के लिए जेल कौन जाएगा? उन्होंने कहा कि दिल्ली में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व सेना प्रमुख, विदेश मंत्री, विदेश सचिव, तीन बार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उनके परिवार, मनीष सिसोदिया और कपिल सिब्बल तक के नाम काट दिए गए। यहां तक कि चुनाव आयुक्त संधू का नाम भी लिस्ट से गायब कर दिया गया। जब देश के शीर्ष पदों पर रहे लोगों के साथ यह हो सकता है, तो आम जनता के मताधिकार की क्या बिसात?
निष्पक्ष चुनाव के लिए ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी जरूरी, पुराने सारे चुनाव रद्द किए जाएं
आप सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले में आंख पर पट्टी बांधकर ‘धृतराष्ट्र’ की भूमिका निभा रहा है। जब 93 फीसदी वोटर्स सही पाए गए थे, तो उन्हें वोट देने से क्यों रोका गया? संजय सिंह ने दो टूक मांग की कि ज्ञानेश कुमार के पद पर रहते हुए देश में कभी निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते, इसलिए उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर जेल में डाला जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि धांधली और वोट कटाई की आड़ में कराए गए बिहार, बंगाल, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत तमाम राज्यों के चुनाव रद्द किए जाएं और निष्पक्ष मतदाता सूची के साथ दोबारा चुनाव कराए जाएं।
दिल्ली की कानून-व्यवस्था ध्वस्त, कालकाजी कांड ने फिर राजधानी को किया शर्मसार
राजधानी दिल्ली के कालकाजी में सामने आई गैंगरेप की घटना पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि वर्ष 2014 से जब से केंद्र में भाजपा सत्ता में आई है, दिल्ली को देश की ‘अपराध राजधानी’ बना दिया गया है। दिल्ली की कानून-व्यवस्था सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्रालय के अधीन है, लेकिन यहां छात्राएं, वकील और आम नागरिक सुरक्षित नहीं हैं। गैंगरेप, हत्या और गैंगवार की घटनाएं आम हो चुकी हैं और लेडी श्रीराम कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को ऑफलाइन क्लास बंद करनी पड़ रही हैं।
बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ की घटना पर सांसद ने कहा कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए, जिन्होंने दावा किया था कि छेड़खानी की घटना होने पर वे पद छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि 25 साल से सत्ता में बैठी भाजपा-जदयू आज भी अपनी नाकामियों के लिए आरजेडी का नाम लेकर रोना रोती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी लोकतंत्र की इस लूट और भाजपा के कुशासन के खिलाफ संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से संघर्ष जारी रखेगी।