1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. Ayodhya Ramlala Prana Pratishtha : काशी के हस्तशिल्पी ने गुलाबी मीनाकारी से बनाई श्रीराम मंदिर की अनुकृति ,अयोध्या श्रीराम मंदिर को समर्पित होगा कला का बेजोड़ नमूना

Ayodhya Ramlala Prana Pratishtha : काशी के हस्तशिल्पी ने गुलाबी मीनाकारी से बनाई श्रीराम मंदिर की अनुकृति ,अयोध्या श्रीराम मंदिर को समर्पित होगा कला का बेजोड़ नमूना

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समारोह को दिव्य और भव्य बनाने के लिए पूरे देश भर से उपहारों और सौगातों को लेकर राम भक्त प्रतिदिन अयोध्या पहुंच रहे है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Ayodhya Ramlala Prana Pratishtha : अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समारोह को दिव्य और भव्य बनाने के लिए पूरे देश भर से उपहारों और सौगातों को लेकर राम भक्त प्रतिदिन अयोध्या पहुंच रहे है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की घड़ी जैसे जैसे नजदीक आ रही है वैसे वैसे प्रभु श्रीराम मंदिर को दिव्यता प्रदान करने के लिए देश के नामी कलाकार अपनी भावनाओं को आकृति प्रदान कर रहे है। राम भक्तों का जोश उफान मार रहा है। अयोध्या में नव निर्मित दिव्य ,भव्य राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी को होने वाला है। इसी क्रम में गुलाबी मीनाकारी के राष्ट्रीय अवॉर्ड से सम्मानित हस्तशिल्पी वाराणसी के कुंज बिहारी ने सोने, चांदी और डायमंड से 108 दिनों की मेहनत से श्री राम मंदिर की रेप्लिका बनाई है। जीआई और ओडीओपी उत्पादों में शुमार गुलाबी मीनाकारी की चमक पूरी दुनिया में है।

पढ़ें :- शरद पवार की केंद्र से अपील, छात्रों और नागरिकों की मांगों को संवेदनशीलता के साथ सुने, NDA में शामिल होने से इनकार

 रेप्लिका में सोने के रामलला विराजे हैं
वाराणसी के गाय घाट निवासी राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिल्पकार कुंज बिहारी का दावा है कि पहली बार गुलाबी मीनाकारी से श्रीराम मंदिर की अनुकृति बनाई गई है। इसको बनाने में 108 दिन का समय लगा है। गुलाबी मीनाकारी में सोने और चांदी का प्रयोग किया जाता है। राम मंदिर की अनुकृति लगभग 2.5 किलो की है जो 12 इंच ऊंची, 8 इंच चौड़ी और 12 इंच लम्बी है। इसमें सोना, करीब डेढ़ किलो चांदी और अनकट डायमंड शिखर पर लगाया गया है। प्रभु राम के मंदिर की अनुकृति 108 पार्ट्स से निर्मित किया गया है। मंदिर की रेप्लिका में रामलला की सोने की मूर्ति भी है।

 अयोध्या श्रीराम मंदिर को समर्पित करना चाहते हैं अनुकृति
उन्होंने बताया कि इस अनुकृति को बनाने में श्री राम की कृपा रही है। पहली बार गुलाबी मीनाकारी से श्री राम मंदिर बनाने की जब कोशिश की जा रही थी, तब वह पहले तो आकार ही नहीं ले पा रही थी, मगर जब प्रभु श्रीराम का नाम लेकर तथा उनके भजन सुनते हुए काम शुरू किया गया तो देखते ही देखते गुलाबी मीनाकारी से मंदिर ने अपना स्वरूप ले लिया। उन्होंने बताया कि मोदी व योगी के प्रयासों से आज गुलाबी मीनाकारी को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल गई है। इसलिए इस नायब हुनर को मोदी और योगी के माध्यम से श्री राम मंदिर को समर्पित करना चाहते हैं।

विश्व के नेताओं को सौगात में दिये गये हैं गुलाबी मीनाकारी से बने उपहार
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काशी के शिल्पियों की कला का बेजोड़ नमूना ग़ुलाबी मीनाकारी के उत्पाद उपहार में देते रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरीस,ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन, जापान के प्रधानमंत्री और फ्रांस के मैनुअल माइक्रोन की पत्नी को भी जीआई प्रोडक्ट के अनोखे तोहफ़े दे चुके हैं।

पढ़ें :- Parliament Monsoon Session 2026 : संसद में गतिरोध पर मल्लिकार्जुन खड़गे का बड़ा बयान, बोले-'पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, फिर सदन में होगी चर्चा'
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...