रिश्वत लेने के आरोप के कारण एक वर्ष तक निलंबित रहे आईएएस अफसर अभिषेक प्रकाश (IAS Officer Abhishek Prakash) को लगभग एक वर्ष बाद निलंबन से बहाल किया गया। शनिवार को उनके निलंबन से बहाल होने के बाद रविवार को उत्तर प्रदेश शासन ने उनकी तैनाती का आदेश भी जारी कर दिया है।
लखनऊ। रिश्वत लेने के आरोप के कारण एक वर्ष तक निलंबित रहे आईएएस अफसर अभिषेक प्रकाश (IAS Officer Abhishek Prakash) को लगभग एक वर्ष बाद निलंबन से बहाल किया गया। शनिवार को उनके निलंबन से बहाल होने के बाद रविवार को उत्तर प्रदेश शासन ने उनकी तैनाती का आदेश भी जारी कर दिया है।
प्रदेश सरकार ने आईएएस अफसर अभिषेक प्रकाश (IAS Officer Abhishek Prakash) को बहाल कर दिया है। इन्हें सचिव सामान्य प्रशासन बनाया गया है। शनिवार को बहाली को लेकर नियुक्ति विभाग ने आदेश जारी कर दिया था। 15 मार्च से उनकी बहाली के बाद तैनाती का भी आदेश जारी हो गया है। माना जा रहा है कि सोमवार से अभिषेक प्रकाश अपना कार्यभार संभाल लेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) से सबसे प्रतिष्ठापरक प्रोजेक्ट इन्वेस्ट यूपी के सीईओ रहे 2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश (Abhishek Prakash) को रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप में निलंबित किया गया था। उन पर सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट मंजूरी के बदले घूस मांगने का आरोप था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने उन्हें 20 मार्च 2025 को निलंबित कर दिया था। फरवरी 2026 में साक्ष्य के अभाव में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले में चार्जशीट रद कर दी थी।
अभिषेक प्रकाश (Abhishek Prakash) 15 मार्च से वह दोबारा सेवा में लौटेंगे, लेकिन उन्हें अभी भी विभागीय जांच का सामना करना होगा। आईआईटी रुड़की से बी-टेक आईएएस अफसर अभिषेक प्रकाश (Abhishek Prakash) की बहाली को लेकर उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आधिकारिक निर्देश शनिवार को जारी किया गया।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी हुए इस आदेश में कहा गया है कि 14 मार्च 2026 तक की अवधि को ही निलंबन माना जाएगा। इसके बाद वह दोबारा अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर सकेंगे। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि सेवा में वापसी के बावजूद उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच जारी रहेगी।