1. हिन्दी समाचार
  2. IPL
  3. “राधे-राधे से शुरू, जय श्री राम पर खत्म”: रघु शर्मा ने पहला IPL विकेट लेकर दिखाई ‘सपनों वाली पर्ची’

“राधे-राधे से शुरू, जय श्री राम पर खत्म”: रघु शर्मा ने पहला IPL विकेट लेकर दिखाई ‘सपनों वाली पर्ची’

आईपीएल सिर्फ क्रिकेट का मंच नहीं, बल्कि सपनों को सच करने वाली एक बड़ी कहानी भी है। सोमवार, 4 मई को खेले गए मुकाबले में ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक पल देखने को मिला, जब मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स आमने-सामने थे। इस मैच में 33 वर्षीय स्पिनर रघु शर्मा ने अपने आईपीएल करियर का पहला विकेट लेते ही कुछ ऐसा किया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया...

By Harsh 
Updated Date

IPL 2026: आईपीएल सिर्फ क्रिकेट का मंच नहीं, बल्कि सपनों को सच करने वाली एक बड़ी कहानी भी है। सोमवार, 4 मई को खेले गए मुकाबले में ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक पल देखने को मिला, जब मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स आमने-सामने थे। इस मैच में 33 वर्षीय स्पिनर रघु शर्मा ने अपने आईपीएल करियर का पहला विकेट लेते ही कुछ ऐसा किया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया।

पढ़ें :- एशियन पैरा गेम्स में भारत का ऐतिहासिक क्लीन स्वीप! शॉट पुट में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज पर कब्जा

पहला विकेट और खास अंदाज में जश्न

जैसे ही रघु शर्मा ने अपना पहला विकेट हासिल किया, उनके चेहरे की खुशी साफ झलक रही थी। लेकिन असली चर्चा तब शुरू हुई जब उन्होंने जेब से एक पर्ची निकालकर कैमरे की ओर दिखाई। मैदान पर मौजूद खिलाड़ी भी इसे देखकर हैरान रह गए। खासकर जसप्रीत बुमराह का रिएक्शन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पर्ची में छिपी 15 साल की कहानी

रघु शर्मा की इस पर्ची में उनके लंबे संघर्ष की झलक थी। उन्होंने लिखा था— “राधे-राधे। गुरुदेव की कृपा से, बहुत दर्दनाक 15 साल आज खत्म हो गए। मुंबई इंडियंस (ब्लू एंड गोल्ड) का शुक्रिया, मुझे यह मौका देने के लिए। हमेशा आभारी रहूंगा। जय श्री राम।” यह सिर्फ एक संदेश नहीं, बल्कि उस खिलाड़ी की भावनाएं थीं, जिसने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे।

पढ़ें :- IND vs NZ Toss : भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का किया फैसला, देखें- प्लेइंग इलेवन में किन खिलाड़ियों को मिला मौका

रघु शर्मा का सफर आम क्रिकेटरों जैसा नहीं रहा। उन्होंने 18 साल की उम्र के बाद गंभीरता से क्रिकेट खेलना शुरू किया। शुरुआत एक तेज गेंदबाज के रूप में की, लेकिन हैमस्ट्रिंग इंजरी के बाद उन्हें खुद को बदलना पड़ा और लेग स्पिन अपनानी पड़ी। उन्होंने खुद अभ्यास करके अपनी गेंदबाजी को निखारा। महान स्पिनर शेन वॉर्न को अपना वर्चुअल गुरु मानते हुए उनके वीडियो देखकर सीखते रहे।

संघर्ष, रिजेक्शन और वापसी

करियर के दौरान रघु को कई बार निराशा का सामना करना पड़ा। 25 साल की उम्र में उन्हें यह तक कहा गया कि अब वह क्रिकेट के लिए ज्यादा उम्रदराज हो चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में भी उन्हें लगातार मौके नहीं मिले। उन्होंने अलग-अलग जगहों पर जाकर खुद को साबित करने की कोशिश जारी रखी—श्रीलंका में ग्रेड क्रिकेट खेला, इंग्लैंड में क्लब क्रिकेट खेला और वहां इमरान ताहिर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ काम किया। इससे उनकी गेंदबाजी में विविधता और नियंत्रण आया।

फिर मिला वही मंच, जहां कभी असफल हुए थे

दिलचस्प बात यह है कि जिस मुंबई इंडियंस के ट्रायल में वह कभी असफल हो गए थे, उसी टीम ने उन्हें दोबारा मौका दिया। करीब आठ साल के इंतजार के बाद वह फिर उसी फ्रेंचाइजी में लौटे—लेकिन इस बार एक बदले हुए खिलाड़ी के रूप में। रघु शर्मा का मानना है कि अगर आप अनुशासन और मेहनत के साथ आगे बढ़ते हैं, तो उसका फल जरूर मिलता है। उन्होंने अपने संघर्ष को ही अपनी ताकत बनाया और कभी हार नहीं मानी। यही वजह है कि उनका पहला आईपीएल विकेट सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि 15 साल की मेहनत, धैर्य और विश्वास की जीत बन गया।

पढ़ें :- IND vs NZ 1st T20I Live : आज भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा पहला टी20, जानें- कब, कहां देख पाएंगे लाइव मैच

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...