जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के लड्डू गोपाल स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा में तुलसी दल चढ़ाने की परंपरा भी है। इस साल जन्माष्टमी का व्रत 4 सितंबर को रखा जाएगा।
Janmashtami 2026 Tulsi puja : जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के लड्डू गोपाल स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा में तुलसी दल चढ़ाने की परंपरा भी है। इस साल जन्माष्टमी का व्रत 4 सितंबर को रखा जाएगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर तुलसी के पत्ते तोड़ना पूरी तरह से वर्जित होता है, इसलिए भगवान श्रीकृष्ण के भोग के लिए तुलसी दल एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेना चाहिए।
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, तोड़े हुए तुलसी के पत्ते 11 दिनों तक बासी या अशुद्ध नहीं माने जाते, जिन्हें पूजा के समय साफ पानी से धोकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए तुलसी से जुड़े प्रमुख नियम और उपाय निम्नलिखित हैं:
भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित किए जाने वाले माखन-मिश्री, पंचामृत या छप्पन भोग में तुलसी का पत्ता जरूर डालें। तुलसी के बिना कान्हा भोग स्वीकार नहीं करते हैं।
तुलसी दल को हमेशा भगवान श्रीकृष्ण के हाथों में या भोग प्रसाद के ऊपर रखें, उनके चरणों में न अर्पित करें।
जन्माष्टमी की शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जरूर जलाएं।