जापान में रविवार को संसद के निचले सदन के चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। इसे व्यापक रूप से प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के नेतृत्व पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें मतदाता उनकी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के नेतृत्व वाली सरकार और संयुक्त विपक्षी गठबंधन के बीच चुनाव करेंगे।
जापान के बड़े मीडिया संस्थानों के हालिया सर्वेक्षणों से संकेत मिला है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के बहुमत हासिल करने की संभावना है। वहीं, क्योदो न्यूज के एक सर्वे के अनुसार, जापान की संवैधानिक डेमोक्रेटिक पार्टी और एलडीपी की पूर्व सहयोगी कोमेटो द्वारा बनाई गई नई विपक्षी पार्टी ‘सेंट्रिस्ट रिफॉर्म एलायंस’(Centrist Reform Alliance) को चुनाव से पहले की तुलना में नुकसान होता दिख रहा है।
हालांकि, इन अनुमानों के बावजूद सर्वे बताते हैं कि बड़ी संख्या में मतदाता अब भी फैसला नहीं कर पाए हैं। ऐसे में आखिरी समय में नतीजों में बदलाव की संभावना बनी हुई है। साथ ही, एलडीपी से जुड़े घोटाले भी चुनाव को लेकर अनिश्चितता बढ़ा रहे हैं।
जनता के मजबूत जनादेश से लैस, ताकाइची से जापान की सेना को मजबूत करने की योजनाओं पर तेजी से आगे बढ़ने की भी उम्मीद है – एक ऐसा कदम जिससे बीजिंग के और अधिक नाराज होने की संभावना है, जिसने उन पर जापान के सैन्यवादी अतीत को पुनर्जीवित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।