जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने शुक्रवार को हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स को भंग कर दिया है। उन्होने आठ फरवरी को अचानक आम चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। ताकि वे अपनी आर्थिक और सुरक्षा नीति एजेंडा के लिए जनता का समर्थन हासिल कर सकें। 465 सदस्यों वाले निचले सदन को ताकाइची के मंत्रिमंडल ने नियमित संसदीय सत्र के शुरुआती घंटों में भंग कर दिया। लगभग 60 सालों में यह पहली बार हुआ है कि किसी नियमित सत्र की शुरुआत में ऐसा हुआ हो।
नई दिल्ली। जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची (Japanese Prime Minister Sanae Takaichi) ने शुक्रवार को हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स (House of Representatives) को भंग कर दिया है। उन्होने आठ फरवरी को अचानक आम चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। ताकि वे अपनी आर्थिक और सुरक्षा नीति एजेंडा के लिए जनता का समर्थन हासिल कर सकें। 465 सदस्यों वाले निचले सदन को ताकाइची के मंत्रिमंडल ने नियमित संसदीय सत्र के शुरुआती घंटों में भंग कर दिया। लगभग 60 सालों में यह पहली बार हुआ है कि किसी नियमित सत्र की शुरुआत में ऐसा हुआ हो। इस फैसले से असल में एक छोटा और ज़ोरदार चुनावी अभियान शुरू हो गया है। हालांकि सांसदों का मौजूदा कार्यकाल 2028 में खत्म होने वाला था।
जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने यह कहते हुए अपने फैसले का बचाव किया कि उन्हें अभी तक अपने नेतृत्व के लिए जनता का सीधा जनादेश नहीं मिला है। वह अक्टूबर में प्रधानमंत्री बनीं उसी महीने उनकी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (Liberal Democratic Party) ने जापान इनोवेशन पार्टी (Japan Innovation Party) के साथ मिलकर एक नया सत्ताधारी गठबंधन बनाया। इस चुनाव में एक नए विपक्षी समूह की भी शुरुआत होगी। सेंट्रिस्ट रिफॉर्म अलायंस (Centrist Reform Alliance) को हाल ही में जापान की कॉन्स्टिट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी और कोमेइटो पार्टी (Constitutional Democratic Party and Komeito Party) ने लॉन्च किया है, जो 26 सालों से LDP की गठबंधन सहयोगी रही है। उम्मीद है कि आर्थिक मुद्दे, खासकर बढ़ती महंगाई, अभियान में हावी रहेंगे। सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी दोनों पार्टियों ने खाने-पीने की चीज़ों पर कंजम्पशन टैक्स कम करने की संभावना जताई है। जहां सत्ताधारी गुट टैक्स को अस्थायी रूप से निलंबित करने पर विचार कर रहा है, वहीं विपक्षी गठबंधन ने खाने-पीने की चीज़ों पर इसे पूरी तरह खत्म करने का प्रस्ताव दिया है।
क्योटो न्यूज़ ने बताया कि वैकल्पिक राजस्व स्रोतों की पहचान करना अभियान के दौरान एक प्रमुख मुद्दा होगा। राजनीतिक फंडिंग भी एक बड़ा मुद्दा होने की संभावना है, क्योंकि हाल के सालों में LDP एक स्लम फंड घोटाले (slum fund scam) से प्रभावित हुई है। विदेशी निवासियों और पर्यटन से जुड़े मुद्दे भी चुनावी बहसों में शामिल होने की उम्मीद है। ताकाइची के मंत्रिमंडल की उच्च अनुमोदन रेटिंग के बावजूद, सत्ताधारी गठबंधन के पास हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स में केवल मामूली बहुमत है और वह हाउस ऑफ़ काउंसलर्स में अल्पसंख्यक है। इस वजह से सरकार को कानून पारित करने के लिए विपक्षी पार्टियों के सहयोग पर निर्भर रहना पड़ा है। निचले सदन को भंग करने के सिर्फ़ 16 दिन बाद चुनाव कराने के ताकाइची के फैसले की विपक्षी पार्टियों ने आलोचना की है।
क्योटो न्यूज़ ने बताया कि यह जापान के युद्ध के बाद के इतिहास में संसद भंग होने और चुनाव के बीच सबसे कम समय का अंतर है। विपक्षी पार्टियों ने भी प्रधानमंत्री की आलोचना की है कि उन्होंने अप्रैल में शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2026 के लिए संसद द्वारा शुरुआती बजट पास करने से पहले ही चुनाव करवा दिए और उन पर शासन से पहले राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। पिछले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव अक्टूबर 2024 में हुए थे।