वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति का स्थान जीवन में बहुत महत्व रखता है। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का राशि परिवर्तन बहुत खास माना जाता है।
जनवरी 2026 में गुरु बृहस्पति पुनर्वसु नक्षत्र के चौथे पद में हैं, 1 फरवरी को पहले पद में प्रवेश करेंगे। इसे पुनर्वसु नक्षत्र कहा जाता है। इस बदलाव का असर मेष, मिथुन और तुला राशि के जातकों पर विशेष रूप से दिखाई देगा।
मेष राशि
देवगुरु बृहस्पति का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश बहुत शुभ और लाभकारी साबित होगा। रोजगार और व्यवसाय में लाभ मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। जो लोग लंबे समय से किसी प्रोजेक्ट या कार्य में रुके हुए थे, उन्हें सफलता मिलने की उम्मीद है। धन की स्थिति मजबूत होगी। चारो तरफ में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा। इसके अलावा, निवेश के मामले में सोच-समझकर कदम उठाने से फायदा होगा। गुरु का आशीर्वाद मेष राशि के जातकों को नए अवसर, करियर में उन्नति और सामाजिक मान-सम्मान भी दिलाएगा।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए गुरु का प्रभाव शिक्षा, कैरियर और व्यक्तिगत विकास के क्षेत्र में सकारात्मक रहेगा। जो विद्यार्थी उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके प्रयास सफल होंगे। रोजगार में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। इस अवधि में संपर्क और नेटवर्किंग के नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे व्यवसाय और करियर में लाभ होगा। आर्थिक मामलों में सतर्कता रखनी जरूरी है, लेकिन गरु बृहस्पति की कपा से मुश्किलें कम होंगी, लाभकारी परिणाम मिलेंगे।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर विशेष रूप से भाग्यवर्धक रहेगा। यात्रा के अवसर मिल सकते हैं। नई नौकरी या व्यापार संबंधी मौके सामने आएंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। रिश्तों में मधुरता आएगी। गुरु का आशीर्वाद तुला राशि वालों को आर्थिक लाभ, करियर में उन्नति और शिक्षा में सफलता दिलाएगा। इसके साथ ही, इस अवधि में किए गए प्रयास और निवेश फलदायी साबित होंगे। तुला राशि के जातक इस समय अपने स्वास्थ्य और मानसिक शांति का भी विशेष ध्यान रखें।