सनातन धर्म शुभ और अशुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है। मान्यता कि शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य वृद्धि देने वाले होते है। खरमास में शुभ कार्य नहीं किए जाते है।
Kharmas 2026 : सनातन धर्म शुभ और अशुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है। मान्यता कि शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य वृद्धि देने वाले होते है। खरमास में शुभ कार्य नहीं किए जाते है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में शुभ कार्य करना उचित नहीं माना जाता। ऐसे में लोग जानना चाहते हैं कि खरमास कब से शुरू होगा और कब समाप्त होगा।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस साल अंतिम वैवाहिक लग्न मुहूर्त के बाद 15 मार्च से खरमास शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों पर अस्थायी रोक लग जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास की शुरुआत मानी जाती है।
खरमास का समय साल में दो बार आता है, एक बार दिसंबर में और एक बार मार्च में। दिसंबर में शुरू होने वाला खरमास का समापन मकर संक्रांति के दिन होता है। दिसंबर में सूर्य भगवान गुरु की राशि धनु में प्रवेश करते, उस दिन से खरमास शुरू हो जाता है। आइए जानें इस साल खरमास कब से शुरू हो रहा है।
20 अप्रैलसे फिर शुरू होंगे विवाह मुहूर्त
हालांकि, खरमास समाप्त होने के बाद भी विवाह के लिए पहला शुभ मुहूर्त 20 अप्रैल को पड़ रहा है। इसी दिन अक्षय तृतीया भी है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। पंडितों के अनुसार, अप्रैल महीने में कुल 8 दिन विवाह के लिए शुभ लग्न मुहूर्त उपलब्ध हैं।