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मेरठ में किडनी रैकेट का भंडाफोड़, बुलंदशहर की महिला की डॉक्टरों ने धोखे से निकाली किडनी, छह चिकित्सकों पर FIR

हमारे देश में डॉक्टरों को धरती पर भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन जब वे मरीजों का भरोसा तोड़ दें, तो इंसानियत शर्मसार हो जाती है। बुलंदशहर की कविता ने बताया कि बुखार और कमजोरी की शिकायत पर हॉस्पिटल में भर्ती हुईं। उनकी बाईं किडनी निकाल ली गई। यह मामला अवैध अंग तस्करी की ओर इशारा करता है।

By santosh singh 
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बुलंदशहर/मेरठ। हमारे देश में डॉक्टरों को धरती पर भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन जब वे मरीजों का भरोसा तोड़ दें, तो इंसानियत शर्मसार हो जाती है। बुलंदशहर की कविता ने बताया कि बुखार और कमजोरी की शिकायत पर हॉस्पिटल में भर्ती हुईं। उनकी बाईं किडनी निकाल ली गई। यह मामला अवैध अंग तस्करी की ओर इशारा करता है।

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मेरठ के बागपत रोड स्थित केएमसी हॉस्पिटल (KMC Hospital) में इलाज के दौरान 2017 में महिला की किडनी निकालने का मामला सामने आया है। पीड़िता कविता ने 2022 में जांच कराई, तो पता चला कि ऑपरेशन के दौरान उनकी बाईं किडनी निकाल ली गई थी। मामला उजागर होने पर पीड़िता ने कोर्ट का सहारा लिया। एसीजेएम-तृतीय बुलंदशहर (ACJM-III Bulandshahr) के आदेश पर नरसेना थाने में अस्पताल संचालक दंपति समेत 6 डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

जानें क्या है पूरा मामला?

बुलंदशहर के नरसेना क्षेत्र की रहने वाली कविता ने बताया कि 2017 में उन्हें बुखार और कमजोरी की शिकायत के बाद केएमसी हॉस्पिटल (KMC Hospital)  में भर्ती कराया गया था। डॉ. सुनील गुप्ता ने ऑपरेशन की सलाह दी। 20 मई 2017 को ऑपरेशन हुआ, लेकिन 2022 में जांच के बाद खुलासा हुआ कि उनकी बाईं किडनी ऑपरेशन के दौरान निकाल ली गई थी। कविता ने डॉक्टरों पर अवैध अंग तस्करी का आरोप लगाया है। यह भी बताया कि किडनी निकालने के बावजूद फर्जी रिपोर्ट्स तैयार कर उन्हें गुमराह किया गया। जब शिकायत की, तो आरोपियों ने मारपीट कर दस्तावेज छीन लिया है।

एफआईआर में शामिल धाराएं

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कोर्ट के आदेश पर मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 की धारा 18, आईपीसी की धारा 120बी, 326, और 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों में डॉ. सुनील गुप्ता, उनकी पत्नी डॉ. प्रतिभा गुप्ता, डॉ. अजय एन वत्स, डॉ. निकिता जग्गी, डॉ. सतीश कुमार अरोरा, और डॉ. सीमा वार्ष्णेय शामिल हैं।

पीड़िता और पुलिस का बयान

कविता ने बताया कि डॉक्टरों ने मेरे साथ धोखा किया और अब धमकी देकर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सभी आरोपों की सच्चाई सामने लाई जाएगी।

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