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Kisan Rail Roko Andolan : किसान रेल रोको आंदोलन का दिखा इफेक्ट, चंडीगढ़ जाने वाली नौ ट्रेनें रद्द, शताब्दी तीन घंटे विलंब

Kisan Rail Roko Andolan : पंजाब में रेल रोको आंदोलन (Rail Roko Andolan)  का असर देखने को मिल रहा है। इस वजह से पंजाब व चंडीगढ़ की तरफ जाने वाली नौ यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। इस दौरान चंडीगढ़ से दिल्ली के बीच चलने वाली शताब्दी को भी तीन घंटे की देरी से शाम चार बजे के बाद दिल्ली रवाना किया जाएगा।

By santosh singh 
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Kisan Rail Roko Andolan : पंजाब में रेल रोको आंदोलन (Rail Roko Andolan)  का असर देखने को मिल रहा है। इस वजह से पंजाब व चंडीगढ़ की तरफ जाने वाली नौ यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। इस दौरान चंडीगढ़ से दिल्ली के बीच चलने वाली शताब्दी को भी तीन घंटे की देरी से शाम चार बजे के बाद दिल्ली रवाना किया जाएगा। हरियाणा के डबवाली में 38 किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस दौरान चौटाला चौकी में किसानों ने नारेबाजी की है।

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अंबाला में रेल रोको आंदोलन (Rail Roko Andolan) के लिए किसान नहीं जुट पाए। पुलिस की मुस्तैदी के बीच अंबाला-दिल्ली रेल सेक्शन व सहारनपुर सेक्शन भी किसी तरह से बाधित नहीं हो सका। इस ट्रैक पर अधिकतर ट्रेन बंद के बावजूद चलती रहीं और यात्रियों को राहत मिली। हालांकि आधा दर्जन ट्रेनों को रेलवे ने सुरक्षा के लिहाज से अंबाला कैंट स्टेशन समेत बराड़ा, यमुनानगर, जगाधरी स्टेशनों पर रोके रखा। उधर, पंजाब में अंबाला मंडल के अधीन 22 रेलवे मार्गों पर किसानों ने धरना प्रदर्शन किया।

सुनाम में भी ट्रैक पर बैठे किसान

किसान मजदूर मोर्चा (Kisan Mazdoor Morcha) और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन आजाद और सिद्धूपुरा ने सुनाम रेलवे स्टेशन (Sunam Railway Station) पर रेलवे ट्रैक जाम किया। भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद (Bharatiya Kisan Union Ekta Azad) और सिद्धूपुरा के नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी है। राज्य सरकार भी किसानों के प्रति गंभीर नहीं है। नेताओं ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार उनकी मांगों को लागू नहीं करेगी, यह संघर्ष चलता रहेगा। किसान नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल, जसवीर सिंह मेदेवास और रण सिंह चट्ठा ने कहा कि किसानों के साथ दुश्मन की तरह व्यवहार को सहन नहीं किया जा सकता है। केंद्र व हरियाणा सरकार ने किसानों पर अत्याचार किए हैं।

किसानों का दावा: बठिंडा-श्रीगंगानगर के बीच नहीं चली कोई ट्रेन

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पंजाब के अबोहर में किसान संगठनों ने रेलवे ट्रैक जाम किया। भाकियू खोसा के प्रांतीय सचिव गुणवंत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की कारपोरेट हितैषी नीतियां किसानों को खत्म करने पर तुली हैं। इसके विरोध में पिछले 17 दिनों से शंभू बॉर्डर पर धरना चल रहा है लेकिन सरकार किसानों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। आज बठिंडा-श्रीगंगानगर के बीच कोई ट्रेन नहीं चली। उन्होंने कहा कि सरकार की इसी किसान विरोधी नीति के खिलाफ आज पूरे पंजाब में रेल रोको आंदोलन चलाया गया।

मालगाड़ी के इंजन पर चढ़ने की कोशिश

शंभू टोल (Shambhu Toll) के पास रेलवे ट्रैक पर किसानों ने मालगाड़ी के इंजन पर चढ़ने का प्रयास। इस पर तुरंत पुलिस ने उन्हें रोका और किसान नेताओं को समझा कर पीछे किया। उधर, ऐलनाबाद में किसानों व पुलिस कर्मियों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद पुलिस ने किसानों को हिरासत में ले लिया।

लुधियाना स्टेशन पर ट्रेनों को रोका 

अमृतसर रेलवे स्टेशन (Amritsar Railway Station) पर किसानों ने प्रदर्शन किया। वहीं देवीदासपुरा में रेल ट्रैक बाधित किया। अबोहर और बठिंडा में भी किसानों का रेल ट्रैक पर धरना जारी है। उधर, लुधियाना रेलवे स्टेशन (Ludhiana Railway Station) पर ट्रेनों को रोका गया है।

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